इस शख्स ने बनाई बिना ड्राइवर के चलने वाली कार

जयपुर (3 मार्च): सेल्फ ड्राइविंग कार को भविष्य की कार कहा जा रहा है। गूगल औप एप्‍पल भी ड्राइवरलैस कार की टैस्टिंग कर रहे हैं, लेकिन एक भारतीय शख्स ने टाटा नैनो को बिना ड्राइवर चलाकर दुनिया को अचंभित कर दिया है।

कोच्चि के रहने वाले रोशी जॉन टीसीएस के रोबोटिक्स विभाग के हैड हैं। एक दिन वे थके मांदे टैक्सी लेकर एयरपोर्ट से घर वापस आ रहे थे। उन्होंने देखा कि टैक्सी ड्राइवर उन से ज्यादा थका हुआ था व ड्राइव करते हुए बार-बार सो रहा था। रोशी को यह खतरनाक लगा इसलिए उन्होंने ड्राइवर से पीछे बैठने को कहा और बाकी रास्ते खुद टैक्सी चलाकर ड्राइव कर घर तक लाए। इस वाकये ने रोशी को ड्राइवर लैस कार बनाने के लिए प्रेरित किया।

रोशी ने ड्राइवर लैस कार के प्रोजेक्ट के लिए टाटा नैनो को चुना इसलिए नहीं कि वह सस्ती थी बल्कि इसलिए क्योंकि उसका इंजन रियर साइड में था। इस वजह से वह सेंसर और एक्चुएटर जैसे जरूरी उपकरण कार के फ्रंट पोर्शन में लगा सकते थे। रोशी और उनकी टीम ने पहले कार का कंप्यूटर सिमुलेशन बनाकर उसे टेस्ट किया। इसके बाद उन्होंने कार के फ्रंट में सेंसर और कैमरा सहित अन्य उपकरण फिट कर दिए। इनमें ऑटोमेटिक गियर शिफ्टिंग उपकरण भी शामिल था। सभी जरूरी फिटिंग के बाद कार का रियल टाइम टेस्ट किया गया जो सफल रहा।

पांच साल तक ऐसे कई अलग-अलग टेस्ट करने के बाद टीम ने दावा किया है कि उनका मॉड्यूलर सिस्टम किसी भी कार में केवल एक घंटे में फिट कर उसे ड्राइवर लैस बना सकता है।