शुरू हुआ बुलेट ट्रेन का काम, मिट्टी और चट्टान के परीक्षण काम जारी

नई दिल्ली (19 फरवरी): मुंबई-अहमदाबाद रेल कॉरिडोर के 7 किलोमीटर लंबे समुद्र के नीचे के मार्ग की ड्रिलिंग का काम शुरू हो गया है। इसके तहत फिलहाल समुद्र के नीचे की मिट्टी और चट्टानों का परीक्षण किया जा रहा है। दो प्रमुख महानगरों को जोड़ने वाली हाई स्पीड ट्रेन अधिकतम 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी।

रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'समुद्र के नीचे की 70 मीटर की गहराई पर मौजूद मिट्टी और चट्टानों का परीक्षण किया जा रहा है और यह पूरी परियोजना के लिए किये जाने वाले भू-तकनीकी और भू-भौतिकीय परीक्षण के कार्य का हिस्सा है। 21 किलोमीटर लंबी सुरंग को छोड़कर 508 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का अधिकांश हिस्सा एलिवेटेड मार्ग पर पर प्रस्तावित है, जबकि ठाणे क्रीक के बाद विरार की ओर का एक हिस्सा समुद्र के अंदर से गुजरेगा। 

रेलवे ने एलिवेटेड कॉरिडोर का विकल्प इसलिए चुना ताकि जमीन अधिग्रहण और अंडरपास बनाने की जरूरत ना पड़े। अधिकारी ने बताया कि वनस्पतियां को बचाने के लिए सुरंग बनाने का फैसला करना पड़ा। परियोजना के लिए भू-परीक्षण काफी अहम है क्योंकि इससे समुद्र से 70 फीट नीचे की मिट्टी की भार वहन क्षमता का पता लगाया जा सकेगा।

परियोजना के लिये 97,636 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत का 81 फीसदी जापान से ऋण के रूप में उपलब्ध होगा। कॉरिडोर के निर्माण का काम 2018 में शुरू होगा और 2023 तक इसके पूरा होने की संभावना है। फिलहाल मुंबई से अहमदाबाद जाने में 7 घंटे लगते हैं, बुलेट ट्रेन के बाद यह समय घटकर दो घंटे हो जाएगा।

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