काफी पढ़े-लिखे हैं IS के आतंकी, भारत के बारे में सब जानते हैं: डॉक्टर ने सुनाई आपबीती

नई दिल्ली(26 फरवरी): लीबिया में एक डॉक्टर समेत 6 भारतीयों को आईएसआईएस ने बंधक बनाया था। उन सभी को पिछले दिनों भारत ने छुड़ा लिया।

- इनमें एक डॉक्टर डाॅ. राममूर्ति कोसानम ने भारत पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई।

- उन्होंने बताया कि आईएसआईएस के आतंकियों ने मुझे कभी भी फिजिकली नुकसान नहीं पहुंचाया। हालांकि उन्होंने मुझे काफी भला-बुरा कहा। जितने भी युवा आतंकी हैं वे सभी काफी पढ़े-लिखे हैं और भारत के बारे में अच्छी तरह से जानते हैं। बता दें कि राममूर्ति को आतंकियों ने 18 महीने तक बंधक बनाए रखा था।मैंने एक भी ऑपरेशन नहीं किया...

- डॉ. राममूर्ति ने बताया- "आतंकी लगातार मुझ पर ऑपरेशन करने का प्रेशर डालते रहे। मुझे ऑपरेशन थिएटर में जाने के लिए कहते रहे। लेकिन मैंने कुछ भी नहीं किया।"

- " इस दौरान मैंने न कोई ऑपरेशन किया और न एक स्टिटेच लगाई।"

- " वे सोचते थे कि मैं एक डॉक्टर हूं और एक न एक दिन उनके काम आ जाऊंगा। इसलिए उन्होंने मुझे जिंदा रखा। शायद इसलिए मैं बच भी गया।"

- राममूर्ति ने कहा- " रिहाई और भारत सरकार की कोशिशों के लिए मैं प्रधानमंत्री, एनएसए, सुषमा स्वराज और दूसरे अफसरों को थैंक्स कहना चाहूंगा।"

- "इन सभी की कोशिशों से मैं घर लौट सका। मैं कभी नहीं भूल सकता।"

- डाॅ. राममूर्ति कोसानम को करीब 18 महीने पहले लीबिया में इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों ने अगवा कर लिया था। वे आंध्र प्रदेश में कृष्णा जिले के रहने वाले हैं।

- एक रिपोर्ट के मुताबिक, डाॅ. कोसानम लीबिया के सिर्ते के एक हॉस्पिटल में फिजिशियन थे। आईएस के एक ग्रुप ने इंजीनियर सामल प्रवाश रंजन समेत नौ लोगों को 8 सितंबर, 2015 को उनके घर से अगवा कर लिया था।

- तभी से भारतीय अफसर इन सभी को छुड़ाने की कोशिश कर रहे थे। डाॅ. कोसानम लीबिया में 1999 से रह रहे थे।

- सुषमा स्वराज ने 21 फरवरी को ट्वीट कर बताया था- "लीबिया में बंधक बनाए गए सभी छह भारतीयों को रिहा करा लिया गया है।"

- "बंधकों में डॉ. राममूर्ति कोसानम भी हैं, जिन्हें गोली लगी। उन्हें जल्द ही भारत लाया जा रहा है।"

- "सुषमा ने लीबिया में भारतीय मिशन की इस मामले में तारीफ की थी।"

- लीबिया में भारतीय मिशन के अफसर भारतीय नागरिकों को सलाह देते रहे हैं कि वे यहां से चले जाएं।