बौखलाए चीन ने कहा, डोकलाम का इस्तेमाल राजनीतिक लक्ष्य के लिए न करे भारत

नई दिल्ली (18 जुलाई): भारत के पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम के डोकलाम में भारत और चीन के बीच तनातनी कायम है। भारतीय सेना के डोकलाम में करारा जवाब दिए जाने से चीन बौखला गया है और अब वह धमकी पर उतर आया है। चीन ने मंगलवार को कहा कि भारत को विवाद गहराने से पहले डोकलाम इलाके से सेना को तत्काल हटा लेना चाहिए। पेइचिंग ने कहा कि नई दिल्ली डोकलाम की स्थिति का इस्तेमाल 'राजनीतिक लक्ष्य' हासिल करने के लिए 'पॉलिसी टूल' के तौर पर न करे। चीन ने कहा कि भारत अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए "घुसपैठ" का इस्तेमाल नीति के तौर पर न करे। चीन ने कहा, इस घुसपैठ की जानकारी दुनिया के देशों को दे दी गयी है।

चीन विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत के साथ तनाव पर पेइचिंग की करीबी नजर है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कंग ने कहा, 'भारतीय सेना द्वारा डोकलाम में गैरकानूनी तरीके से प्रवेश किया गया है। चीन में मौजूद कई राजनयिक इससे स्तब्ध हैं और वह इसकी सत्यता की पुष्टि करना चाहते हैं।' कंग ने पत्रकारों से कहा, 'चीन इस विषय पर विदेशी राजनयिकों से संपर्क में है।' चीन ने कथित तौर पर पिछले सप्ताह विदेशी राजनियकों को इस बारे में जानकारी साझा की है। हालांकि चीन इस बात से इनकार कर रहा है। 

कंग ने कहा कि भारत-चीन सीमा पर सिक्किम सेक्टर में दोनों पक्ष आपसी सहमति से सीमा पर सहमत हुए थे। उन्होंने कहा, 'इस बार भारतीय सैनिक गैरकानूनी तरीके से चीन की सीमा में आ गए हैं। हमने साफ किया है कि भारत को अपनी 'राजनीतिक लक्ष्य' हासिल करने के लिए इसे पॉलिसी टूल की तरह इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।'

यह पूछे जाने पर कि क्या पेइचिंग का इस मसले पर धैर्य जवाब दे रहा है, कंग ने कहा, 'हमने इस बारे में भारतीय पक्ष को अपने स्टैंड से अवगत करा दिया है। इस मुद्दे पर हमारा स्टैंड बिल्कुल साफ है। मुझे लगता है कि भारत को भी इसे समझना चाहिए और डोकलाम से अपने सैनिक हटा लेने चाहिए।' गौरतलब है कि चीन के सरकारी अखबार 'ग्लोबल टाइम्स' ने एक लेख में डोकलाम क्षेत्र में भारतीय सैनिकों की मौजूदगी पर 'भीषण परिणाम' की धमकी दी है।