कुछ ऐसे वापसी की तैयारी कर रहे हैं एमएस धोनी

वैभव भोला, नई दिल्ली (8 जनवरी): मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में धोनी ने 28 साल बाद भारत को दिलाया था वर्ल्ड कप और 7 साल बाद उसी शहर में होने वाला है भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तान का सबसे बड़ा इम्तिहान। क्योंकि आखिरी बार धोनी हमें कैप्टन कूल वाले अंदाज में नजर आएंगे। इसके बाद फिर शायद ही कभी धोनी ब्लू ब्रिगेड की कप्तानी करें। धोनी आखिरी बार कप्तानी उसी शहर में करने वाले हैं जहां उन्हें मिली थी उनके करियर की सबसे बड़ी जीत।

धोनी ने वनडे और टी-20 की कप्तानी भले ही छोड़ दी है, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज शुरु होने से ठीक पहले धोनी की अगुवाई में ही खेला जाएगा इंडिया A और इंग्लैंड के बीच पहला प्रैक्टिस मैच, जो मुंबई के ब्रेबॉन स्टेडियम में खेला जाना है। प्रैक्टिस मैच में खेलने के लिए धोनी मुंबई पहुंच गए हैं और अपने शरीर को मजबूत बनाने के लिए कुछ इस अंदाज में कर रहे हैं वर्जिश।

एक दशक तक टीम इंडिया की कमान संभालने वाले धोनी अब बतौर विकेटकीपर और बल्लेबाज ही टीम के साथ जुड़े रहेंगे और अब हर किसी की निगाहें धोनी के प्रदर्शन पर ही रहेंगीं जो साल 2016 में कुछ खास नहीं रहा था। साल 2016 के 13 वनडे में धोनी ने सिर्फ 27.80 की औसत से 278 रन बनाए थे, जिसमें एक ही अर्धशतक शामिल था।

अगर धोनी के इस वर्कआउट पर नजर डालें तो ये साफ हो जाएगा कि धोनी इस बार सबसे ज्यादा काम अपनी बैक पर कर रहे हैं। मैदान पर 50 ओवर तक विकेटकीपिंग करने के लिए मजबूत बैक होना बेहद अहम है और अब जैसे जैसे धोनी की उम्र बढ़ रही है तो उन्हें अपनी फिटनेस पर और भी ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है।

धोनी के पास आखिरी बार अपनी कप्तानी का जादू दिखाने का मौका है तो वहीं इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से ठीक पहले वो अपने बल्ले को धार भी देना चाहेंगे, क्योंकि अब जब तक धोनी का बल्ला चलता रहेगा तभी तक वो टीम इंडिया या यूं कहें विराट की इंडिया का हिस्सा रहेंगे।