उत्तर कोरिया ने दागी बैलिस्टिक मिसाइल, डोनाल्ड ट्रप ने कहा- देख लेंगे

नई दिल्ली ( 28 नवंबर ): उत्तर कोरिया ने लगभग ढाई महीने की शांति के बाद बुद्धवार को जापानी सागर में अपनी ताकतवर बैलिस्टिक मिसाइल दागी है। इस खबर की पुष्टि साउथ कोरिया के मिलिट्री अधिकारियों ने की है। इस तरह की मिसाइल का परीक्षण किम जोंग उन ने आखिरी बार सितम्बर में कराया था। इस अंतरद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल के दायरे में वाशिंगटन समेत अमेरिका के पूर्वी समुद्रीय तट इलाके भी आते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नॉर्थ कोरिया की बैलिस्टिक मिसाइल के दायरे में अब वाशिंगटन डीसी भी आ गया है।

उत्तर कोरिया के बैलिस्टिक मिसाइल दागने के बाद अमेरिकी रक्षा सचिव जिम मैटिस ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उत्तर कोरिया ऐसी मिसाइल बनाने में लगा हुआ है, जो दुनिया में कहीं भी मार कर सकती है। अमेरिका सहित कई देशों ने इस पर आक्रोश भरी प्रतिक्रिया दी है।

मैटिस ने कहा कि दो महीने की खामोशी के बाद प्योंगयांग ने अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की है, जिसने अब तक की सबसे ज्यादा ऊंचाई हासिल की। नॉर्थ कोरिया की मिसाइल ने जापान सागर में कोई नुकसान तो नहीं पहुंचाया, लेकिन यह जापान के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन में जाकर गिरी।

व्हाइट हाउस के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस बारे में उसी समय सूचना दे दी गई, जब मिसाइल फायर की गई। उत्तर कोरिया की स्थिति पर ट्रंप ने कहा कि स्थिति को संभाल लिया जाएगा।

ट्रंप ने कहा, 'थोड़ी देर पहले उत्तर कोरिया ने एक मिसाइल लॉन्च की है, लेकिन मैं आपको बताना चाहता हूं कि हम इस स्थिति को संभाल लेंगे। हमने जनरल मैटिस के साथ इस मुद्दे पर लंबी बातचीत की है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसे हैंडल किया जाएगा।'

अमेरिकी रक्षा विभाग ने बुधवार की शाम को नॉर्थ कोरिया के मिसाइल परीक्षण को ट्रैक किया। शुरुआती अनुमानों में कहा गया कि यह एक अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल थी, जैसा कि पेंटागन के प्रवक्ता कर्नल रॉब मैनिंग ने अपने बयान में कहा।

मैनिंग ने अपने बयान में कहा कि मिसाइल का परीक्षण नॉर्थ कोरिया के सैन नी से किया गया और जापान सागर में गिरने से पहले इसने एक हजार किलोमीटर की दूरी तय की। ट्रंप ने कहा, अब मैं चाहता हूं कि मिलिट्री को फंड किया जाना चाहिए।

एक सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, 'कुछ नहीं बदला... कुछ नहीं बदला। हमने बेहद कड़ा रुख अपनाया, लेकिन कुछ नहीं बदला।'   

साउथ कोरिया के मुताबिक, उत्तर कोरिया साल 2018 तक न्यूक्लियर मिसाइल लॉन्च करने में सक्षम हो जाएगा। गौरतलब है कि नॉर्थ कोरिया अपनी मिसाइलों को बेहतर बनाने के लिए लगातार परीक्षण कर रहा है। इसके पहले वह 22 मिसाइलों का परीक्षण कर चुका है।