सीरिया पर मिसाइल हमले बाद बोले ट्रंप- किसी का न हो इतना खौफनाक अंजाम


नई दिल्ली(7 अप्रैल): अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सीरिया के सरकारी ठिकानों पर मिसाइल हमला करने का आदेश जारी करने के बाद टेलिविजन पर एक संदेश जारी किया। इसमें उन्होंने मंगलवार को सीरिया के इदलिब प्रांत में हुए रसायनिक हमले में मारे गए लोगों की मौत पर शोक जताते हुए अपील की कि दुनिया के सभी 'सभ्य देश' सीरिया में चल रहे खूनी खेल को खत्म करने के लिए एकजुट हों।


- ट्रंप ने कहा, 'मेरे साथी अमेरिकी नागरिकों, मंगलवार को सीरिया में हुए रसायनिक हमले में निर्दोष नागरिकों पर घातक नर्व एजेंट का इस्तेमाल किया गया। इस हमले में कई महिलाएं, पुरुष और बच्चे धीरे-धीरे तड़पते हुए मर गए। इस बर्बर हमले में खूबसूरत छोटे-छोटे बच्चों ने भी तड़पकर दम तोड़ दिया।'


- राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, 'ईश्वर के किसी भी संतान का अंजाम इतना खौफनाक नहीं होना चाहिए। इस हमले की प्रतिक्रिया के तौर पर हमने सीरिया के चुनिंदा ठिकानों पर मिसाइल हमला शुरू किया है। यह हमला उन एयरफील्ड्स पर है, जिनका इस्तेमाल कर मंगलवार को यह रसायनिक हमला किया गया था।'


- सीरिया को रसायनिक हमलों का दोषी ठहराते हुए राष्ट्रपति ने कहा, 'अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अमेरिका किसी भी तरह के खतरनाक और जानलेवा रसायनिक हथियारों के इस्तेमाल और प्रसार के खिलाफ है। इसमें कोई शक नहीं कि सीरिया ने प्रतिबंधित रसायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया। सीरिया ने रसायनिक हथियार सम्मेलन में तय किए गए नियमों का भी उल्लंघन किया। साथ ही, उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अपीलों को भी नजरंदाज किया।' अपने इस संबोधन में राष्ट्रपति ने शरणार्थी समस्या का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'सीरिया द्वारा बार-बार नियमों की अनदेखी की गई। इसके कारण वहां शरणार्थियों की समस्या और गहराती जा रही है। पूरा क्षेत्र अस्थिर बना हुआ है। इससे अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए खतरा पैदा हो गया है।'


- सीरिया में हो रही हिंसा और आतंकवाद को खत्म करने की अपील करते हुए ट्रंप ने कहा, 'मैं सभी सभ्य देशों से अपील करता हूं कि वे सीरिया में हो रहा खूनखराबा खत्म करने और हर तरह के आतंकवाद का खात्मा करने में सहयोग करें।' सीरिया की घटना के शिकार लोगों के प्रति संवेदना जताते हुए उन्होंने कहा, 'हम सभी घायलों के लिए प्रार्थना करते हैं। जो लोग मारे गए हैं, उनके लिए भी हम दुआ करते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि जबतक अमेरिका न्याय के लिए प्रतिबद्ध है, तब तक दुनिया में शांति और भाईचारा कायम रहेगा। ईश्वर अमेरिका का भला करे और पूरी दुनिया के साथ भी अच्छा करे।'