पत्रकार खशोगी की हत्या के लिए क्राउन प्रिंस सलमान जिम्मेदार: राष्ट्रपति ट्रंप

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 25 अक्टूबर ): अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब पर एक बार फिर अपना गुस्सा जाहिर किया है। ट्रंप ने पत्रकार खशोगी की हत्या को लेकर सऊदी अरब पर अबतक की सबसे तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि जमाल खशोगी की हत्या के लिए चलाए गए ऑपरेशन के लिए सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस जिम्मेदार हैं। वहीं तुर्की के राष्ट्रपति के एक सलाहकार ने कहा कि प्रिंस मोहम्मद के हाथ खशोगी के खून से रंगे हैं।इन कड़ी टिप्पणियों के बाद सऊदी अरब की प्रतिक्रिया नहीं मिली है। हालांकि सऊदी अरब ने पहले ही बयान जारी करके कहा है कि क्राउन प्रिंस के आलोचक रहे खशोगी की हत्या के पीछे उनका हाथ नहीं है। ट्रंप ने कहा कि क्राउन प्रिंस ने कहा था कि पत्रकार की हत्या में निचले स्तर के अधिकारी शामिल हो सकते हैं।

इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि सऊदी अरब के अधिकारियों ने पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या मामले को छिपाने की सबसे बदतर कोशिश की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इस मामले में शामिल कुछ वरिष्ठ अधिकारियों का वीजा खत्म करके सबसे पहली कार्रवाई की। खशोगी का आना-जाना पहले सऊदी अरब के शाही परिवार में था, लेकिन बाद में वह वली अहद (क्राउन प्रिंस) मोहम्मद बिन सलमान के आलोचक हो गए। उनकी शादी होने वाली थी और उससे जुड़ा दस्तावेज लेने के लिए खशोगी दो अक्टूबर को इस्तांबुल में सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास गए जहां से वह लापता हो गए थे।

चौतरफा घिरने के बाद आखिरकार सऊदी अरब ने कबूल किया है कि वॉशिंगटन पोस्ट के लिए लिखने वाले 59 वर्षीय खशोगी की हत्या इस्तांबुल स्थित उसके वाणिज्य दूतावास में की गई थी। ओवल ऑफिस में मंगलवार को ट्रंप ने संवाददाताओं को बताया, उनकी (सऊदी अरब) बहुत ही खराब मंशा थी। इस मामले को और बदतर बनाया गया। और यह मामले को दबाने की इतिहास की सबसे बदतर कोशिश है। बहुत ही आसानी से। बेहद घटिया करतूत। इसकी कभी कल्पना नहीं की जा सकती थी। किसी ने वास्तव में गड़बड़ी की। और उन्होंने अब तक के सबसे बदतर ढंग से मामले को छिपाने की कोशिश की।’

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अमेरिका ने सऊदी अरब के उन अधिकारियों का अमेरिकी वीजा रद्द करने की घोषणा की है जो पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या में कथित तौर पर शामिल हैं। सऊदी अरब ने स्वीकार किया है कि तुर्की के इस्तांबुल में उसके वाणिज्य दूतावास में 59 वर्षीय इस पत्रकार की हत्या हुई। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपिओ ने संवाददाताओं को बताया कि अमेरिका इस मामले से जुड़े हर महत्वपूर्ण तथ्य की मांग करता रहेगा और अपनी देश की संसद और अन्य देशों के साथ मिलकर अमेरिका उन लोगों को जिम्मेदार ठहराने के लिए काम करेगा जो इस हत्या में शामिल हैं।