नॉर्थ कोरिया के डर ने ट्रंप-पुतिन को लाया साथ

नई दिल्ली(3 मई): अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन उत्तरी कोरिया के खतरे से निपटने के लिए साथ मिलकर काम करने पर राजी हो गए हैं।


- पिछले महीने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद के एयरबेस पर अमेरिका की ओर से किए गए मिसाइल हमले के बाद से दोनों देशों के बीच तल्खियां काफी बढ़ गई थीं। दोनों के बीच उत्तरी कोरिया के अलावा सीरिया संकट को लेकर भी बातचीत हुई। असद के एयरबेस पर अमेरिका द्वारा किए गए मिसाइल हमले के बाद यह पहला मौका था जब पुतिन और ट्रंप के बीच संवाद कायम हुआ है।


- वाइट हाउस ने एक बयान जारी कर कहा कि दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने नॉर्थ कोरिया में पैदा हो रही खतरनाक स्थिति से निजात पाने और इस समस्या को सुलझाने के रास्ते तलाशने के लिए फोन पर बातचीत की।


- क्रेमलिन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ट्रंप और पुतिन के बीच फोन पर बात हुई और दोनों के बीच मुलाकात का कार्यक्रम तय करने को लेकर रजामंदी भी बनी। जुलाई के महीने में जर्मनी में आयोजित होने जा रहे जी-20 सम्मेलन के दौरान पुतिन और ट्रंप की बैठक हो सकती है।


- अमेरिकन सिक्यॉरिटी प्रॉजेक्ट में वरिष्ठ सदस्य मैथ्यु वालिन ने बताया कि उत्तर कोरिया के संकट को सुलझाने में रूस काफी सकारात्मक भूमिका निभा सकता है, लेकिन इस पूरे मामले में चीन का समर्थन सबसे अहम है। चीन की ही तरह रूस भी मानता है कि उत्तर कोरिया के कारण इस पूरे क्षेत्र में अमेरिकी प्रभाव को सीमित किया जा सकता है। अभी यह साफ नहीं है कि रूस और चीन किम जोंग-उन पर दबाव बनाने के लिए राजी होंगे या नहीं।


- ट्रंप और पुतिन के बीच हुई बातचीच को रूस ने सकारात्मक बताया है। दोनों नेताओं के बीच सीरिया मुद्दे पर भी विमर्श हुआ। हालांकि कुछ विशेषज्ञों ने इस बात पर निराशा जताई है कि पेंटागन और क्रेमलिन ने अपने बयानों में सीरिया के अंदर राष्ट्रपति असद द्वारा रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल की संभावना और इसके इस्तेमाल को लेकर चेतावनी जैसे अहम मुद्दों को जगह नहीं दी। RIA न्यूज एजेंसी ने क्रेमलिन के हवाले से बताया है कि ट्रंप और पुतिन अमेरिका के सेक्रटरी और स्टेट रेक्स टिलरसन व रूस के विदेशमंत्री सेरेगी लेवरोव के बीच संपर्क बढ़ाने की बात पर भी सहमत हो गए हैं। इसके द्वारा कूटनीतिक तरीकों का इस्तेमाल कर सीरियन गृहयुद्ध का मसला सुलझाने की संभावनाओं पर काम किया जाएगा।


- वाइट हासस के मुताबिक, ट्रंप और पुतिन के बीच हुई बातचीत में यह भी तय किया गया कि सभी पक्ष सीरिया में जारी हिंसा को खत्म करने की पुरजोर कोशिश करेंगे। 6 साल से जारी सीरियन गृह युद्ध को खत्म करने की दिशा में यह बातचीत कितनी सकारात्मक भूमिका अदा करती है, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। वाइट हाउस का कहना है कि पुतिन के साथ सीरिया से जुड़े मुद्दों पर काफी अच्छी बातचीत हुई। दोनों देशों ने सीरिया में सुरक्षित पनाहगाह बनाने और वहीं के लोगों की तकलीफों को खत्म करने को तरीकों पर विमर्श किया। वाइट हाउस के मुताबिक, पुतिन और ट्रंप दोनों का ही मानना है कि सीरिया संकट काफी लंबा खिंच गया है।