अपने खिलाफ हो रहे प्रदर्शन पर बोले ट्रंप- लोगों को मुझे वोट ही नहीं देना चाहिए था

नई दिल्ली(23 जनवरी): राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं।

- प्रदर्शन में हजारों महिलाएं शामिल हुईं। ट्रम्प पर देश को बांटने और एंटी-वुमन पॉलिसीज का आरोप लगाया जा रहा है।

- इस पर ट्रम्प ने कहा, "आखिर लोगों ने मुझे वोट ही क्यों दिया?" ट्रम्प ने 20 जनवरी को 45वें प्रेसिडेंट के रूप में शपथ ली थी।

- हालांकि ट्रम्प ने ये भी कहा, "लोगों को किसी भी मसले पर अपने विचार जाहिर करने का हक है।"

- उन्होंने ट्वीट में कहा, "शांतिपूर्वक प्रदर्शन हमारे देश की ताकत है। अगर मैं हमेशा सहमत न भी रहूं तो भी ये मानता हूं कि लोगों को अपनी सोच सामने रखनी चाहिए।"

- एक अन्य ट्वीट में ट्रम्प ने लिखा, "मैंने अपने खिलाफ प्रदर्शन देखा। लेकिन ये सब हम इलेक्शन के दौरान देख चुके हैं। जब लोगों को मेरा विरोध ही करना था तो उन्होंने वोट ही क्यों दिया।"

- वॉशिंगटन की सड़कों पर हजारों महिलाओं ने नई सरकार की पॉलिसीज को लेकर प्रदर्शन किया। इसमें भारतवंशी अमेरिकी सांसद एमी बेरा, डेमोक्रेट्स के पूर्व विदेश मंत्री जॉन कैरी समेत कई नेता शामिल हुए।

- प्रदर्शनकारियों के पोस्टर्स पर लिखा था, "वुमन राइट्स आखिरकार ह्यूमन राइट्स है। ट्रम्प, पुतिन का हाथों का खिलौना है।"

- अकेले वॉशिंगटन मार्च में करीब 2 लाख लोग शामिल हुए।

- इसके अलावा न्यूयॉर्क, लॉस एंजिल्स, शिकागो और बोस्टन में भी महिलाओं ने प्रदर्शन किया। वुमन अवेयरनेस को लेकर इसी तरह की कई रैलियां लंदन, सिडनी और टोक्यो में भी ऑर्गनाइज करने का प्लान है।

- बताया जा रहा है कि करीब 40 लाख लोगों ने इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

- डेमोक्रेट सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने ट्वीट कर कहा, "महिलाओं को इस तरह का मार्च निकालने के लिए बधाई देता हूं। महिलाओं के अधिकारों की इस लड़ाई को हम काफी आगे तक ले जाएंगे।"

- सोशल मीडिया पर #WomensMarch ट्रोल कर लोगों ने काफी ट्वीट किए।

- सैंडर्स ने मार्च को ट्रम्प के खिलाफ पहला प्रोटेस्ट करार दिया।

- ट्रम्प के खिलाफ इस प्रदर्शन में ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन में विदेश मंत्री रहे जॉन कैरी और भारतवंशी सांसद एमी बेरा भी शामिल हुईं।