अंबानी का बड़ा बयान, भारतीय आईटी के लिए वरदान साबित हो सकते हैं ट्रंप

नई दिल्ली( 15 फरवरी ): अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संरक्षणवादी बयानों से एक तरफ पूरी दुनिया चिंतित है, तो वहीं भारत के प्रमुख उद्योगपति और रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुखिया मुकेश अंबानी ने मंगलवार को इंडियन आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) उद्योग को सलाह दी कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति के रुख को एक बिनमांगे वरदान के रूप में स्वीकार करे और भारतीय बाजार पर ध्यान दे।

अमेरिका में विदेशी पेशेवरों को अल्पकालिक नौकरी के लिए वीजा के नियम सख्त करने और ‘पहले अमेरिका’ जैसी ट्रंप की बातों से भारत में खास कर सालाना 155 अरब डॉलर का करोबार कर रहे आईटी उद्योग को चिंता में डाल रखा है जिसकी आय का 65 पर्सेंट हिस्सा अमेरिकी बाजार से आता है। अंबानी ने यहां शुरू हुए नैसकॉम के नेतृत्व मंच सम्मेलन में कहा, ‘ट्रंप वास्तव में बिनमांगी मुराद पूरी करने जैसा साबित हो सकते हैं। घरेलू आईटी उद्योग अपने यहां की समस्याओं के समाधान तैयार करने पर ध्यान दे सकता है जो कि खुद बहुत बड़ा बाजार है।’

संयोग से उनका यह बयान ऐसे समय आया है जबकि भारतीय सॉफ्टवेयर और एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर ऐंड सर्विस कंपनिज (नैसकॉम) ने अपने वार्षिक वृद्धि के अनुमानों की घोषणा को मई 2017 के लिए टाल दिया, क्योंकि यह उद्योग ट्रंप की नीतियों के बारे में स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार करना चाहता है। ट्रंप ने 20 जनवरी को अपना कार्यभार ग्रहण किया। मुकेश अंबानी के समूह ने भारत में अपने नए दूरसंचार उद्यम रिलायंस जियो पर 1200 अरब रुपये खर्च किए हैं।