कश्मीर मध्यस्थता: राष्ट्रपति ट्रंप के बयान पर भारत में सियासी घमासान, पीएम मोदी से स्पष्टीकरण की मांग

Trump-Modi न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (23 जुलाई): कश्मीर मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयान पर सियासी घमासान शुरू हो गया है। ट्रंप ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी ने कश्मीर पर मध्यस्थता करने में दिलचस्पी दिखाई थी। एक तरफ ट्रंप के इस बयान पर हिंदुस्तान में सियासी घमासान छिड़ गया तो अमेरिका में भी संग्राम छिड़ गया है। अमेरिकी सांसद ब्रैड शेरमैन ने ट्रंप के बयान के लिए माफी मांगी है, तो अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने भी कश्मीर को भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मुद्दा बताया है। वहीं भारत ने भी डोनाल्ड ट्रंप को दो टूक जवाब दिया है।

गौरतलब है कि मुलाकात के दौरान इमरान ने ट्रंप से कश्मीर मुद्दे पर दखल देने की मांग की। इमरान खान ने कहा, 'मैं प्रेजिडेंट ट्रंप से कहना चाहता हूं कि अमेरिका दुनिया का सबसे ताकतवर देश है और वह उपमहाद्वीप में शांति में अहम योगदान दे सकता है। कश्मीर मुद्दे का समाधान दे सकता है। मेरा कहना है कि हमने भारत के साथ बातचीत को लेकर हर प्रयास किया है।' इस पर जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा, 'दो सप्ताह पहले पीएम नरेंद्र मोदी से मेरी बात हुई थी। हमारी इस मुद्दे पर बात हुई थी और उन्होंने कहा था कि क्या आप मध्यस्थ हो सकते हैं। यह मुद्दा बीते 70 साल से लटका हुआ है और हमें खुशी होगी यदि हम इसमें कोई मध्यस्थता कर सके।' ट्रंप ने कहा कि इस मुद्दे का हल होना चाहिए। कश्मीर दुनिया के सबसे खूबसूरत इलाकों में से एक है, लेकिन हिंसा से जूझ रहा है।

ट्रंप के इस बयान के सामने आते ही हिन्दुस्तान में सियासी घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस ने पीएम मोदी से इस मुद्दे पर जवाब मांगा है। कांग्रेस ने कहा कि संसद के दोनों सदनों में  ट्रंप के कश्मीर को लेकर बयान पर पीएम से स्पष्टीकरण दें। वहीं कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट में लिखा कि भारत ने जम्मू और कश्मीर पर कभी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं किया है। पीएम मोदी का किसी विदेशी ताक़त से जम्मू-कश्मीर में मध्यस्थता के लिए कहना देश के हितों के साथ विश्वासघात है। पीएम को देश को जवाब देना चाहिए।

उधर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और एनसीपी नेता उमर अब्दुल्ला ने भी किया ट्वीट। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ट्रंप को झूठा कहने वाली है।

यहीं नहीं ट्रंप के बयान को लेकर पीएम मोदी पर उठ रहे सवालों के बीच विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया कि भारत ने ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया जिसकी चर्चा ट्रंप कर रहे हैं।  विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि भारत का स्टैंड ये है कि पाकिस्तान के साथ मतभेद के सभी मसलों को द्विपक्षीय बातचीत से ही सुलझाया जाएगा। लेकिन बातचीत के लिए पाक प्रायोजित आतंकवाद का खत्म होना ज़रूरी है। कश्मीर समस्या का समाधान शिमला एग्रीमेंट और लाहौर समझौते के अनुसार ही होगा।

आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने कश्मीर पर गलतबयानी कर खुद अपनी ही भद पिटवा ली है। ट्रंप की इस नासमझी का विरोध खुद उनके ही देश में हो रहा है।