ट्रंप की आतंकवाद पर पाक को चेतवानी, कहा- भारत के साथ अमेरिका के रिश्ते होंगे मजबूत

नई दिल्ली (22 अगस्त): अमेरिका ने एक बार फिर पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ कठोर कदम उठाने का संदेश दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर जहां भारत के साथ रिश्तों को मजबूत करने की बात कही तो दूसरी ओर अफगानिस्तान की अभी और मदद का आश्वासन भी दिया। भारतीय प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती का असर अब साफ दिखने लगा है, जिसकी वजह से पाकिस्तान और चीन की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को अपने संबोधन में पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ लड़ने की अपनी प्रतिबद्धता को अमली जामा पहना कर दिखाए। वहीं इसके साथ अमेरिका के राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिकी लोग बिना विजय के ही युद्ध से थक चुके हैं।

पाकिस्तान पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए ट्रंप ने कहा, "एक ओर पाकिस्तानी नागरिक आतंकवाद झेल रहे हैं।, लेकिन उसी समय पाकिस्तान आतंकवादियों के लिए सुरक्षित स्वर्ग बना हुआ है।"

भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार बढ़ रहे तनाव को लेकर डॉनल्ड ट्रंप ने कहा, 'डर इसलिए भी है कि पाकिस्तान और भारत दोनों ही परमाणु संपन्न देश हैं। इन दोनों के बीच तनाव से संघर्ष बढ़ सकता है और इसके युद्ध में बदलने की भी आशंका है।'

ट्रंप ने नीति की घोषणा के समय भारत से मदद भी मांगी है। ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा, 'हम चाहते हैं कि युद्ध से ग्रस्त अफगानिस्तान क्षेत्र में भारत हमारी और मदद करे, खासतौर पर आर्थिक क्षेत्र में। हम भारत के साथ रणनीतिक भागीदारी चाहते हैं।' ट्रंप ने कहा कि भारत अमेरिका के साथ व्यापार में अरबों डॉलर कमाता है। हम चाहते हैं वह अफगानिस्तान में हमारी ज्यादा मदद करे।

डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि पहले वह अमेरिकी सैनिकों को अफगानिस्तान से हटाना चाहते थे लेकिन अब वह ऐसा नहीं चाहते। अगर वह ऐसा करते हैं तो यह इराक जैसी गलती करना होगा। ट्रंप ने कहा कि अफगानिस्तान को लेकर उनकी नीति भविष्य में स्थिति के हिसाब से बदल सकती है। 

बता दें कि 9/11 हमले के बाद से अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं। तालिबान के खिलाफ अमेरिकी सैनिकों का अभियान आधिकारिक तौर पर साल 2014 में ही खत्म हो चुका है लेकिन अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज अभी भी अफगान सेना की मदद कर रही है।  

अमेरिकी सरकार पहले ही पाकिस्तान को दुनिया भर में दहशतगर्दी और आतंक फैलाने के लिए जिम्मेदार ठहरा चुकी है। वह पाकिस्तान को आतंकवाद पर दोगली नीति खत्म करने की कई बार चेतावनी दे चुकी है। अमेरिका ने पाकिस्तान को आतंक की फसल उगाने वाले देशों की सूची में डाल दिया है। अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान अंतराष्ट्रीय मंच पर बेनकाब हुआ है।