ट्रंप की उत्तर कोरिया को धमकी, न लें परीक्षा, नहीं तो होगा विनाश

नई दिल्ली ( 8 नवंबर ): अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाॅल्ड ट्रंप ने बुधवार को एशिया में अपना पहला भाषण दिया। इस अपने पहले बड़े भाषण में ट्रंप उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग को सीधे चेतावनी दी। ट्रंप ने कहा कि परमाणु उकसावे की लगातार कार्रवाई का परिणाम उत्तर कोरिया का विनाश हो सकता है। 

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका उत्तर कोरिया के साथ टकराव नहीं चाहता लेकिन टकराव होता है तो उससे भागेगा भी नहीं। ट्रंप ने कहा, 'यह प्रशासन अमेरिका के पहले के प्रशासन से काफी अलग है। आज जब मैं उत्तर कोरिया को कुछ बोल रहा हूं तो उम्मीद करता हूं कि मैं केवल अपने देश की तरफ से नहीं बोल रहा हूं, बल्कि पूरे सभ्य देशों की ओर से बोल रहा हूं। हमें कमजोर न समझें और हमारी परीक्षा न लें।' उन्होंने उत्तर कोरिया से कहा, "हमें कम करके मत आंकना, और हमें आजमाना मत। हम अपनी साझा सुरक्षा, साझा संपत्ति, और हमारी साझा आजादी की रक्षा करेंगे।"

ट्रंप ने दक्षिण कोरिया की नेशनल असेंबली में उत्तर कोरिया पर निशाना साधते हुए कहा, 'जो हथियार आप अपने पास रख रहे हैं, वह सुरक्षित नहीं हैं। ये आपके देश को गंभीर खतरे की तरफ ले जा रहे हैं। जितना ही आप इस अंधेरे पथ की ओर अग्रसर होंगे, आपके लिए उतनी ही मुश्किलें बढ़ेंगी।' गौरतलब है कि पिछले 24 वर्षों में पहली बार अमेरिका के किसी राष्ट्रपति ने दक्षिण कोरिया की संसद में भाषण दिया है।

ट्रंप ने 'मजबूती के जरिए शांति' के अपने मंत्र को दोहराया और चीन, रूस एवं विश्व से 'क्रूर शासक' को अलग-थलग करने के लिए संयुक्त प्रयास करने का आह्वान किया। ट्रंप ने कहा, 'विश्व एक दुष्ट शासन को नहीं सह सकता, जो परमाणु हमले की धमकी देता है। सभी जिम्मेदार देशों को उत्तर कोरिया के क्रूर शासन को अलग-थलग करने के लिए एकसाथ काम करना चाहिए।'