पावर और टेलिकॉम क्षेत्र में चीन की एंट्री रोकेगी सरकार!

नई दिल्ली ( 18 अगस्त ): भारत सरकार पावर ट्रांसमिशन क्षेत्र में नई कंपनियों के प्रवेश को लेकर नियमों को कड़ा कर रही है। पावर और टेलिकॉम उपकरणों में मालवेअर की आशंका के चलते भी इस प्रक्रिया को कड़ा करने की तैयारी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार और इंडस्ट्री के अधिकारियों ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्र में चीन की बढ़ती पैठ को नियंत्रित करने के लिए ऐसा किया जा रहा है। 

हार्बिन इलेक्ट्रिक, डॉन्गफैंग इलेक्ट्रॉनिक्स, शंघाई इलेक्ट्रिक और सिफांग ऑटोमेशन जैसी कंपनियां देश के 18 शहरों में उपकरणों की सप्लाइ कर रही हैं या फिर विद्युत वितरण का प्रबंधन कर रही हैं। स्थानीय कंपनियां लंबे समय से इस क्षेत्र में चीन के बढ़ते दखल के खिलाफ यह कहते हुए आवाज उठाती रही हैं कि यह सुरक्षा के लिए खतरा है और बदले में उन्हें चीन के बाजार में इस स्तर पर कारोबार करने की छूट नहीं है। 

बीते तीन दशकों में पहली बार भारत और चीन की सेनाओं के बीच बेहद कठिन स्थिति बनी हुई है। इस बीच नरेंद्र मोदी सरकार में भी इस मुहिम को समर्थन मिलता दिख रहा है। सरकार को लगता है कि टेलिकॉम सेक्टर में चीन के बढ़ते दखल से देश पर साइबर अटैक की भी आशंका है।

भारत सरकार सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट पर विचार कर रही है, जिसमें उसने पावर ट्रांसमिशन कॉन्ट्रेक्ट्स की बोली के नियमों में बदलाव करने की बात कही है।