BREAKING: युद्ध पर उतरा चीन, उत्तराखंड में भारतीय चरवाहों को भगाया

नई दिल्ली (17 अगस्त): चीन ने लद्दाख के बाद अब उत्तराखंड से लगती सीमा पर दादागिरी दिखाई है। चमोली के बाराहोती में चीनी जवानों ने भारतीय चरवाहों को भगा दिया। यहां जानवर चराने गए लोगों को चीनी जवानों ने जबर्दस्ती निचले इलाके में जाने को कहा। चीनी फौज के जवानों ने चरवाहों को धमकी भी दी है।

इससे पहले यह खबर आई थी कि डोकलाम विवाद को चीन के ब्लड डोनेशन कैंप लगाने और खून जमा करना शुरू कर दिया है। चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक चीन की सेना ब्लड बैंक को दूसरी जगह ट्रांसफर कर रही है। खबर के मुताबिक चीन में 8 अगस्त को आए भूकंप के बाद ब्लड स्टॉक को तिब्बत में शिफ्ट किया जा रहा है। ताकि जरुरत पड़ने पर वो चीनी सेनाओं के काम आ सके। ग्लोबल टाइम्स ने अपने देश के हथियारों की तुलना में भारत के हथियारों को काफी कमजोर करार दिया है।

ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, ''भारत के हथियार चीनी हथियारों के आगे कहीं नहीं टिकते। उसने चाइनीज एकेडमी ऑफ सोशल साइंस के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्ट्रैटिजी के डायरेक्टर का हवाला देते हुए ये भी कहा है कि भारत अब अगर डोकलाम से पीछे हट भी जाता है तो भी चीन इस मामले पर अब शांत नहीं बैठेगा।'' अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत को नतीजा भुगतना पड़ेगा। अखबार की रिपोर्ट में तिब्बत में 5 बड़े एयरपोर्ट का दावा करते हुए कहा गया है कि उनमें से एक डोकलाम से 1000 किलोमीटर दूर है। ऐसे में 1200 किलोमीटर की मारक क्षमता वाले फाइटर प्लेन के इस्तेमाल की बात भी कही गई है।

दरअसल 16 जून को डोकलाम में घुसपैठ की कोशिश करते चीनी सैनिकों को भारत ने वापस जाने के लिए मजबूर कर दिया था। चीन इसको लेकर बौखलाया हुआ है। यही नहीं बीते मंगलवार को लद्दाख में भी चीन ने दो बार घुसपैठ की कोशिश की। हालांकि सीमा पर अलर्ट भारतीय सैनिकों ने उन्हें खदेड़कर वापस भेज दिया। इससे नाराज चीनी सैनिकों ने भारतीय जवानों पर पथराव भी किया जिसका उसे उसी अंदाज में जवाब मिला। घुसपैठ की ये कोशिश पैंगोंग झील के पास हुई थी।

डोकलाम के बाद 25 जुलाई को भी उत्तराखंड के चमोली जिले के बाराहाती इलाके में भी चीनी सैनिकों की घुसपैठ की खबर सामने आई थी। भारतीय सैनिकों के विरोध जताने पर उन्हें वापस जाना पड़ा था। विवाद के बाद चीन ने उत्तराखंड से लगती 345 किलोमीटर की सीमा पर भी अपने सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी है। जवाब में भारतीय सेना ने भी अपनी एक टुकड़ी चीन से लगी चौकियों की तरफ रवाना कर दिया। तमाम उकसावे और धमकी के बावजूद भारत डोकलाम से पहले अपने सैनिक वापस नहीं करने के रुख पर अड़ा है। शायद इसी के चलते अब चीन युद्ध की तैयारियों को हवा देकर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश में जुटा है।