डोकलाम विवाद समाधान: भारत का चीन के साथ पड़ोसी देशों को भी संदेश

नई दिल्ली (29 अगस्त): करीब ढाई महीने तक एक-दूसरे के सामने डोकलाम में खड़ी भारत और चीन की सेनाएं अब धीरे-धीरे पीछे हटेंगी। डोकलाम विवाद का समाधान न केवल भारत की कूटनीतिक जीत है बल्कि इसके जरिए उसने चीन के छोटे पड़ोसी देशों को भी कड़ा संदेश दे दिया। 

दरअसल भारत जहां एक तरफ लगातार विवादित क्षेत्र से सेना हटाने के बाद कूटनीतिक बातचीत के जरिए विवाद का हल निकालने पर जोर दे रहा था, तो वहीं चीन की ओर से भारत को लगातार युद्ध की धमकियां मिल रही थीं।

आपको बता दें कि डोकलाम विवाद पर चीन आखिरकार भारत के आगे झुक गया और सीमा से अपनी सेना हटाने के लिए तैयार हो गया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक दोनों देश डोकलाम सीमा से सेना हटाने को तैयार हो गए हैं। चीन ने यह भी साफ नहीं किया है कि वह भविष्य में डोकलाम में सड़क बनाएगा या नहीं। लेकिन भारत ने यह साफ कर दिया है कि वह चीन के दबाव में नहीं आएगा।

चीन की धमकियों के खिलाफ डोकलाम में भारत की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि चीन के छोटे पड़ोसी देश इस तरह के विवादों को कूटनीतिक तरीके से हल सकते हैं। डोकलाम समाधान के जरिए भारत ने दूसरे देशों को यह कड़ा संदेश दिया कि सैन्य संकल्प के जरिए ऐसी चुनौतियों का सामना किया जा सकता है।

डोकलाम समाधान वियतनाम, मंगोलिया, सिंगापुर और जापान जैसे देशों को प्रोत्साहित करेगी, जिन्हें चीन के द्वारा लगातार दबाए जाने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही यह फिलीपींस जैसे देशों के आत्मविश्वास में भी वृद्धि करेगा, जो खुद को एक जगह सीमित किए हुए हैं। इस समाधान के जरिए वे चीन को लेकर पुनर्विचार कर सकते हैं।