डोकलाम से हटने के 2 दिन बाद चीन की भारत को धमकी

नई दिल्ली(30 अगस्त): चीन ने कहा है कि भारत को डोकलाम गतिरोध से सीखना चाहिए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकना चाहिए। चीन का ये बयान सिक्किम के निकट अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 70 दिन के सैन्य गतिरोध के खत्म होने के दो दिन बाद आया है। 

- चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बुधवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि हमें उम्मीद है कि भारत इस घटना से सबक सीखेगा और ऐसी चीजों को फिर से होने से रोकेगा। वांग ने ब्रिक्स सम्मेलन से होने वाली ब्रीफिंग में बयान दिया। 

- 3 सितंबर से 5 सितंबर तक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग करेंगे।

-वांग से जब पूछा गया कि भारत ने पेइंचिंग को चेहरा छिपाने का मौका दिया है तो वांग ने कहा, 'मीडिया अपने कयास लगा सकता है और रिपोर्ट लिख सकता है लेकिन 'चीन सरकार के पास मौजूद आधिकारिक सूचना के मुताबिक भारतीय सैनिक 28 अगस्त को दोपहर बाद क्षेत्र से हट गए जिससे गतिरोध खत्म हो गया। यह मूल तथ्य है, हम उम्मीद करते हैं कि भारत इस घटना से सबक सीखेगा और इस तरह की घटनाओं को दोबारा होने से रोकेगा।' दूसरी तरफ, नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने चीनी विदेश मंत्री की टिप्पणियों पर तत्काल प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है। 


-दोनों देशों के सैनिकों के बीच 16 जून से तब से गतिरोध चला आ रहा था जब भारतीय सैनिकों ने चीनी सेना को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस इलाके में सड़क बनाने से रोक दिया था। चीन और भूटान के बीच डोकलाम एक विवादित क्षेत्र है। भारतीय सेना ने सड़क निर्माण का काम रुकवा दिया था क्योंकि इससे चीन को भूटान-चीन-भारत ट्राई जंक्शन क्षेत्र में भारत के खिलाफ बड़ा सैन्य लाभ मिल जाता। 


-वांग ने शियामेन शहर में अगले हफ्ते होने जा रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बारे में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। दोनों देशों के बीच मतभेदों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'भारत और चीन दो बड़े देश हैं। यह स्वाभाविक है कि हमारे बीच कुछ समस्याएं हैं। जो उचित है, वह यह कि हम इन मतभेदों को उचित स्थान पर रखते हैं और पारस्परिक सम्मान के तहत तथा हमारे नेताओं की सहमति के बाद हमें इन्हें उचित तरीके से देखने तथा प्रबंधित करने की आवश्यकता है।' वांग ने कहा, 'साथ ही विभिन्न तंत्रों के जरिए हमारी बातचीत से हमें दीर्घकालिक समाधान के लिए काम करने की आवश्यकता है।' 

-वांग ने इस सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया कि क्या मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच मुलाकात होगी। वांग ने कहा कि शामिल होने वाले नेताओं के बीच बैठकें और मुलाकात होंगी जो एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। भारत ने मंगलवार को घोषणा की थी कि मोदी शियामेन शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।