इस बार भाईयों की कलाईयों पर नहीं देखेंगी चीनी राखी


नई दिल्ली (4 अगस्त): चीन से लगातार चली आ रही तनातनी के बीच भारतीय महिलाओं ने भाइयों की कलाई पर भारतीय राखी बांधने का फैसला किया है। महिलाओं का कहना है कि भले ही भारतीय राखी महंगी हो, लेकिन वह इस बार चीन से आने वाली राखी का प्रयोग नहीं करेंगे।

इस साल रक्षाबंधन 7 अगस्त को है। सोशल मीडिया पर चीन के उत्पादों के बहिष्कार की मुहिम चल रही है और इसका बड़ा असर देखने को मिल रहा है। चीन को सबक सिखाने के लिए वहां बने सामानों के बहिष्कार का संकल्प भी लगातार मजबूत हो रहा है। इसी सिलसिले में राखी का सामान बेचने वाले व्यापारियों का कहना है कि बाजार में चीन के उत्पादों की मांग में भारी कमी देखने को मिल रही है।

व्यापारियों का मानना है कि शायद जनभावना के कारण या फिर देशभक्ति की वजह से चीनी राखियां इस साल बाजार से गायब हैं। भारत में बनी राखियों से बाजार सजा हुआ है और उनकी ही अच्छी बिक्री भी हो रही है। सीमा पर चीन की नापाक हरकतों का पता देश के हर तपके में हैं और शायद इसीलिए इस बार अमीर हो या गरीब सिर्फ भारतीय धागों में बिंधी सांस्कृतिक राखियां ही खरीद रहे हैं।