डोकलाम: अब सिर्फ 5 इंच पर भारत ने छेड़ी चीन के खिलाफ जंग

नई दिल्ली (23 अगस्त): पिछले दो महीने से ज्यादा से डोकलाम में जारी तनातनी के बीच 5 इंच के स्क्रीन पर भारत और चीन के बीच नया विवाद छिड़ सकता है। चीन की स्मार्टफोन कंपनियों द्वारा भारतीयों के डेटा को चीन भेजे जाने की खबरों के बीच भारत सरकार ने इन कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। पिछले दिनों यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो के एक रिसर्च और कुछ अन्य रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई थी कि चीनी स्मार्टफोन कंपनियां भारतीयों के डेटा को चीन भेज रही हैं। भारतीय यूजर्स के इस डेटा का चीन व्यवसायिक के साथ-साथ रणनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल कर सकता है। 

सरकार डेटा सिक्योरिटी के मामले पर लगभग सभी चीनी कंपनियों के हैंडसेट की जांच करनी शुरू की है। मंत्रालय ने 28 कंपनियों से 28 अगस्त तक इस मामले में जवाब देने को कहा है। साथ ही सरकार ने इन कंपनियों से पूछा है कि आखिर उन्होंने डाटा लीक से लेकर साइबर सुरक्षा के लिए फोन में क्या इंतजाम किए हैं। आपको बता दें कि भारत के स्मार्टफोन बाजार के करीब 54 प्रतिशत पर चीनी कंपनियों का कब्जा है जिनमें श्याओमी, लेनोवो, ओप्पो और वीवो शामिल हैं।

खबरों मुताबिक अलीबाबा की यूसी ब्राउजर अपने इंडियन यूजर्स के मोबाइल डेटा के कथित लीक को लेकर भी सरकार के निशाने पर आ चुकी है। अगर यूसी ब्राउजर दोषी पाई जाती है तो सरकार इस लोकप्रिय ब्राउजर पर प्रतिबंध लगा सकती है। यूसी ब्राउजर अलीबाबा के मोबाइल बिजनेस ग्रुप का हिस्सा है। अलीबाबा ने पेटीएम और वन97 जैसी कंपनियों में काफी निवेश किया है।

पेटीएम के अलावा अलीबाबा ने ई-कॉमर्स फर्म स्नैपडील में भी अच्छा-खासा निवेश किया है। गूगल क्रोम के बाद यूसी ब्राउजर को भारत में दूसरा सबसे ज्यादा लोकप्रिय स्मार्टफोन ब्राउजर माना जाता है। पिछले साल, यूसी ब्राउजर ने दावा किया था कि भारत और इंडोनेशिया में उसके एक करोड़ से ज्यादा ऐक्टिव यूजर्स हैं।