कराया कुत्ते के काटने का इलाज, बिल थमाया कैंसर के इलाज का

नई दिल्ली (18 अगस्त): ऐसा सिर्फ भारत में हो सकता है, क्योंकि भ्रष्‍टाचार हमारी नशों में इस कदर घर कर गया है कि हम चाह कर भी इससे पीछा नहीं छुड़ा सकते। कर्नाटक की सीआईडी पुलिस ने बीमारी के इलाज के झूठे बिल बनाकर मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) से राशि प्राप्त करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 4 लोगों गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने इनके पास से 100 से अधिक नकली बिल जब्त किए हैं। इस गिरोह के सदस्य कुत्ते के काटने की घटना पर भी कैंसर के इलाज का नकली बिल बनाकर CMRF से सहायता राशि लेते थे। एक अधिकारी ने बताया, 'गिरोह के पास से शहर के 30 नामी अस्पतालों के झूठे बिल मिले हैं। इस पूरे मामले में अस्पताल और सीएम ऑफिस के कर्मचारी के शामिल होने का भी शक है। हमें लगता है कि झूठे बिल बनाकर ली गई राशि 3 करोड़ से ऊपर हो सकती है।'

इस मामले में अभी तक राज्य में 54 मामले दर्ज करके 4 लोगों गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने अमोगप्पा टिप्पना मोरतागी, लागराग शेट्टी, किरण करियप्पा और शंकर सिद्धाशेट्टी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने कहा कि अमोगप्पा ने 75 अलग अलग मरीजों के नाम पर बिल बनाए। वह लोगों से नए वोटर आईडी बनवाने के नाम पर नकली बिलों पर साइन कराता था।

मालूम हो, CMRF से सहायता राशि उन्हीं को मिलती है जिनकी MLA सिफारिश करते हैं। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस, बीजेपी और जेडी(एस) के विधायकों ने ऐसे ही कई बिलों की बिना जांच के ही सिफारिश कर दी। एक मंत्री ने तो 25 झूठे बिलों पर साइन किया था।