सेंसर बोर्ड से मिले सर्टिफिकेट का क्या मतलब?: महेश भट्ट

नई दिल्ली ( 5 फरवरी ): बॉलीवुड के जाने माने निर्माता-निर्देशक महेश भट्ट ने 'जॉली एलएलबी 2' फिल्म के कोर्ट में पहुंचने के बाद पूछा है कि सेंसर बोर्ड से मिलने वाले सर्टिफिकेट का कुछ मतलब भी है कि नहीं। अक्षय कुमार की मुख्य भूमिका वाली फिल्म को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिल चुका है, लेकिन एक याचिका के चलते कोर्ट ने फिल्म देखने का निर्णय किया है।

भट्ट ने पूछा, 'जॉली एलएलबी 2 को सेंसर बोर्ड (CBFC) से सर्टिफिकेट मिलने के बाद भी बॉम्बे हाई कोर्ट में फिल्म की स्क्रीनिंग हो रही है। सेंसर बोर्ड के सर्टिफिकेट का कोई मतलब है क्या?'

केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने फिल्म को सर्टिफिकेट दे दिया है, लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने फिल्म के प्रोड्यूसर से मूवी की स्क्रीनिंग करने को कहा है। महाराष्ट्र के नांदेड़ से ताल्लुक रखने वाले वकील अजय कुमार वाघमारे ने बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद पीठ में एक याचिका दायर कर कहा कि इस फिल्म में देश के कानूनी पेशे और न्यायिक प्रणाली की गलत छवि पेश की गई है।

इसके बाद पीठ ने फिल्म को देखने के लिए एक समिति गठित की। वाघमारे ने हाईकोर्ट से कहा कि यह भारतीय कानूनी पेशे और न्यायिक प्रणाली को समाज में हंसी के पात्र के रूप में पेश करने की कोशिश है। सुभाष कपूर द्वारा निर्देशित फिल्म 'जॉली एलएलबी-2' 10 फरवरी को रिलीज होने वाली है।