खतरनाक मोड़ पर पहुंची ममता बनर्जी और हड़ताली डॉक्टरों की जंग!

West Bengal- Doctors Strike

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (15 जून): पश्चिम बंगाल हड़ताली डॉक्टरों ने चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी की काम पर लौटने की अपील ठुकरा दी है। हड़ताली डॉक्टरों ने कहा है कि ममता बनर्जी के प्रयासों में ईमानदारी नहीं दिखाई दे रही है।  हड़ताली डॉक्टरों ने कहा है कि न तो ममता बनर्जी ने अपने बयान पर माफी मांगी है और न ही अपने शब्दों को वापस लिया है। डॉक्टरों के इस कदम से पश्चिम बंगाल की स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। शनिवार को ही इलाज के अभाव में दो बच्चों की मौत के बाद से लोगों में असंतोष व्याप्त होने लगा है। ममता बनर्जी ने शनिवार शाम को बुलाई एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि उन्होंने डॉक्टरों की सभी मांगें मान ली हैं। इसलिए उन्हें भी अब काम पर वापस आकर तत्काल मरीजों का इलाज शुरु कर देना चाहिए। हालांकि, ममता बनर्जी ने मीडिया को यह नहीं बताया कि उन्होंने डॉक्टरों के लिए कहे गये अपने शब्दों को वापस लिया है या नहीं और डॉक्टरों की सुरक्षा के बारे में पश्चिम बंगाल सरकार क्या कदम उठाने जा रही है।

दरअसल, राज्य की चिकित्सा व्यवस्था पर लगातार प्रतिकूल प्रभाव होने और इलाज के अभाव में मरीजों के प्राणों पर संकट को देखते हुए गृहमंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से रिपोर्ट तलब की थी। ममता बनर्जी केंद्र सरकार के इस कदम के बाद दबाव में थी कि इसी बीच खबर मिली कि डॉक्टरों के अभाव में दो बच्चों की मौत हो गयी। इस खबर मिलने के बाद ममता बनर्जी के कुछ ढीली पड़ी और हथियार डालते हुए डॉक्टरों की मांगे स्वीकारकिये जाने की ऐलान किया। हालांकि,ममता ने इशारों ही इशारों में एसमा के इस्तेमाल की धमकी भी दी।

दरअसल, एनआरएस मेडकल कॉलेज और हॉस्पिटल में  सोमवार देर रात एक दिल के मरीज़ की हार्ट अटैक से मौत हो जाने पर उनके परिजनों ने दो जूनियर डॉक्टरों की जमकर पिटाई कर दी थी। मरीज के परिजनों की पिटाई के दोनों डॉक्टर गंभीर तौर से घायल हो गए थे। इसी के बाद सशस्त्र पुलिस बल की मांग करते हुए कोलकाता में डॉक्टर मंगलवार से हड़ताल पर चले गए। सोने पर ममता बनर्जी ने एक सार्वजनिक भाषण में डॉक्टरो के लिए कुछ अनुचित शब्दों का उपयोग किया था इसके बाद डॉक्टर और भड़क गये।

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