देश भर में आज हड़ताल पर रहेंगे डॉक्टर, स्वास्थ्य सेवाएं रहेंगी प्रभावित, जानिए पूरा मामला

नई दिल्ली (2 जनवरी): नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) बनाने के सरकार के नए प्रस्ताव के खिलाफ आज  इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े देशभर के करीब 3 लाख डॉक्टर हड़ताल पर रहेंगे। इंडियन मेडिकल असोसिएशन ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के स्थान पर नए संगठन के गठन के लिए सरकार की ओर से लाए गए विधेयक के विरोध में प्रदर्शन का फैसला लिया है। इसके विरोध में आईएमए की ओर से 12 घंटे के विरोध प्रदर्शन का फैसला लिया है। इस दौरान तमाम निजी अस्पतालों में रूटीन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। 

सोमवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्‍यक्ष डॉ. रवि वानखेडकर ने प्रेस कांफ्रेंस कर इस बिल को गरीब विरोधी और जनविरोधी करार दिया। आईएमए ने देशभर के अस्‍पतालों में हड़ताल की घोषणा भी की और कहा कि मंगलवार को ब्‍लैक डे मनाया जाएगा। इसके तहत लगभग 700 डॉक्टर आईएमए मुख्यालय पर एनएमसी बिल के विरोध में इकट्ठा होंगे।

इस आंदोलन के चलते तमाम निजी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, लेकिन आपातकालीन और जरूरी सेवाएं चालू रहेंगी। शुक्रवार को संसद में नैशनल मेडिकल कमिशन बिल पेश किया गया था। इसमें मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के स्थान पर नए संगठन के गठन का प्रस्ताव है। इसके अलावा वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों को भी मंजूरी दिए जाने का प्रावधान है। 

संसद में इस विधेयक पर मंगलवार को चर्चा की जा सकती है। इंडियन मेडिकल असोसिएशन ने यह कहते हुए इस बिल का विरोध करने का फैसला लिया है कि इससे मेडिकल प्रफेशनल्स का काम प्रभावित होगा और उन्हें पूरी तरह से नौकरशाही और गैर-मेडिकल प्रशासकों के प्रति जवाबदेह होना होगा। 

आईएमए ने मंगलवार के दिन को 'ब्लैक डे' घोषित किया है। आईएमए के नए बने अध्यक्ष डॉ. रवि वांखेडकर ने कहा, 'मौजूदा स्वरूप में नैशनल मेडिकल कमिशन बिल को स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह गरीब विरोधी, जन विरोधी और अलोकतांत्रिक है। यही नहीं यह अपने आप में संघीय ढांचे के खिलाफ है।'