हमले के खिलाफ हड़ताल पर महाराष्ट्र में डॉक्टर, मरीज बेहाल


मुंबई (20 मार्च): महाराष्ट्र के कई सरकारी अस्पतालों में रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमा गई है। यहां 17 दिसंबर से रेजिडेंट डॉक्टरों हड़ताल पर जारी है। जिससे राज्य के तमाम सरकारी अस्पतालों के बाहर मरीज और उनके परिजनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई है। मरीज और उनके परिजनों को समझ में नहीं आ रहा है कि वो क्या करें।
इस बीच मुंबई के मेयर विश्वनाथ महादेवश्वर ने डॉक्टरों से कहा कि शाम तक वे अपने काम पर लौटे आने की अपील है। साथ ही उन्होंने हड़ताली डॉक्टरों को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वो काम पर नहीं लौटे तो प्रशासन उनपर कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगा। इसके साथ ही राज्य के डीजीपी ने डॉक्टरों को यहां के तमाम अस्पतालों में 400 अतिरिक्त पुलिसबल तैनात करने का भी भरोसा दिया है।

आपको बता दें कि कि पिछले दिनों धुले शहर के सिविल हॉस्पिटल में एक डॉक्टर को मरीज के परिजनों ने बुरी तरह पीट दिया। इतना ही नहीं उग्र मरीज के परिजनों के पीड़ित डॉक्टर के बचाव में आए डॉक्टर और अस्पताल कर्मियों की भी पिटाई कर दी।


बताया जा रहा है कि सिर में चोट लगने के बाद एक मरीज को इस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन डॉक्टर ने हॉस्पिटल में न्यूरोसर्जन ना होने की बात कहकर मरीज को दूसरे हॉस्पिटल में ले जाने की सलाह दे दी। इस पर मरीज के रिश्तेदार भड़क उठे और डॉक्टर को रॉड से पीटने लग गए। इसमें पीड़ित डॉक्टर रोहन ममोरकर को छाती, सर और पेट में गंभीर चोटें आईं है।


धुले में ड्यूटी के दौरान डॉक्टर के साथ हुई मारपीट के खिलाफ कांड राज्य के डॉक्टर लामबंद हो गए हैं। ये लोग सूबे के अस्पतालों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।