जातिगत उत्पीड़न से तंग आकर महिला डॉक्टर पायल तडवी ने की आत्महत्या, मामला दर्ज

न्यूज 24 ब्यूरो, दीपक दुबे,मुंबई (27 मई): मुंबई में मेडिकल की एक छात्रा पायल तडवी ने खुदखुशी कर जान दे दी है। पायल तडवी की मां ने बताया कि कुछ सीनियर उसकी जाति को लेकर उसपर तंज कसते रहते थे। उसे जाति के आधार पर गालियां दी जाती थी। इस कारण उन्होंने तंग आकर आत्महत्या कर ली। पायल तडवी की मां ने कहा कि बेटी के ऊपर जातिगत टिप्पणी के बारे में उन्होंने कॉलेज प्रशासन को अवगत करवाया था। प्रशासन ने इस बारे में उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिया। लेकिन बाद में इस मामले पर कोई भी संज्ञान नहीं लिया गया। 

क्या हुआ ?

डॉ. पायल ने पश्चिमी महाराष्ट्र के मीराज-सांगली से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी। बीते साल उन्होंने पीजी की पढ़ाई के लिए टोपीवाला मेडिकल कॉलेज (बीवाईएल नायर अस्पताल से संबद्ध) में दाख़िला लिया था। वो पिछड़े वर्ग से थीं और आरक्षण कोटा के तहत उन्होंने दाख़िला लिया था। आरोप है कि मेडिकल कॉलेज की तीन वरिष्ठ रेज़िडेंट डॉक्टरों ने उनके ख़िलाफ़ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और उनकी जाति को आधार बनाकर उनका उत्पीड़न किया। परिवार का कहना है कि उत्पीड़न से तंग आकर उन्होंने आत्महत्या कर ली। 

मुंबई के नायर अस्पताल में मई 2018 में पायल तडवी का नामांकन हुआ। वह इसी अस्पताल में बतौर रेजिडेंट डॉक्टर तैनात थी। पायल का नामांकन आरक्षित कोटे के तहत हुआ था। पायल वहां से स्त्री रोग विषय की पढ़ाई कर रही थी। पायल की मां ने बताया, ''जब भी वह मेरे से फोन पर बात करती थी तीन सीनियर लोगों का नाम लेती थी। तीनों सीनियर डॉक्टर उन्हें अक्सर टॉर्चर करती थी, जाति को लेकर तंज करती थी। पायल की जाति को लेकर उसे नीचा दिखाती थी।''

पायल की मां आबेदा ताडावी ने बीवाईएल नायर अस्पताल के डीन को इस संबंध में लिखित शिकायत भी दी है। आबेदा का कहना है कि उन्होंने इसी अस्पताल में अपना कैंसर का इलाज करवाया था जहां उन्होंने कथित तौर पर पायल को उत्पीड़न को स्वयं भी देखा था। अपनी शिकायत में उन्होंने कहा है, "मैं उस समय भी शिकायत दर्ज कराने जा रही थी. लेकिन पायल ने मुझे रोक दिया. पायल को डर था कि अगर शिकायत की तो उसका और अधिक उत्पीड़न किया जाएगा, उसके कहने पर मैंने अपने आप को रोक लिया।"

न्यूज24 के पास पायल तड़वी और उसके सीनियर के व्हाट्सअप मैसेज मौजूद हैं। इन मैसेज़ से साफ है कि आखिर कैसे पायल को परेशान किया जा रहा था, इस चैट्स में साफ दिखाई दे रहा है कि डॉक्टर पायल और उसकी दोस्त स्नेहल को कैसे उसके सीनियर टारगेट करते थे। पायल की आत्महत्या के बाद माता पिता ने 3 सीनियर डॉक्टरों के खिलाफ FIR दर्ज करवाया है। सीनियर डॉक्टर हेमा आहूजा, डॉक्टर भक्ति मेहर, और डॉक्टर अंकिता खंडेलवाल के खिलाफ मामला दर्ज है। 

आईपीसी की धारा 306/34 के तहत तीन महिला डॉक्टरों के ख़िलाफ़ अग्रीपाड़ा थाने में मुक़दमा दर्ज कर लिया गया है। इस मुक़दमे में सूचना प्रौद्योगिकी क़ानून की कुछ धाराएं भी लगाई गई हैं। इस मामले को लेकर कॉलेज ने जांच टीम गठित कर दी है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि जांच में जो लोग दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।