एंड्रॉयड फोन पर इसलिए नहीं देखनी चाहिए गंदी वीडियो

जालंधर (17 अप्रैल): भारत में युवा पोर्न फिल्में देखने के लिए पीसी से ज्यादा स्मार्टफोन्स का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे एडल्ट कंटेंट एप्स के रूप में भी उपलब्ध है। गूगल प्ले पर बहुत से एप्स हैं और इसके अलावा बहुत ही वेबसाइट्स हैं जिन्हें कई यूजर्स हर दिन ओपन करते हैं। अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो फोन में पोर्न देखते हैं और एंड्रॉयड स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं तो यह खतरनाक भी हो सकता है।

आइए जानते हैं क्यों:

अवैध वीएएस सब्सक्रिप्शन्स ज्यादातर पोर्न साइट्स फ्री होती हैं लेकिन कई बार इन वेबसाइट्स को ओपन करने पर वीएएस सब्सक्रिप्शन्स ऑन हो सकती हैं जिससे सिम में से पैसे कट सकते हैं। यह सब्सक्रिप्शन दिन और महीने के हिसाब से होती है जिसके पैसे भी अलग-अलग होते हैं।

ज्यादा पोर्न टिकर कई बार पोर्न टिकर भी परेशान करते हैं जिसे एंड्रॉयड एप्स के नकली वर्जन फोन में इंस्टाल करने के लिए कहा जाता है। इससे फोन में ट्रोजन डाऊनलोड हो सकता है और फोन में वायरस भी आ सकता है। इसलिए ब्राऊजर में डू नॉट अल्लो वेबसाइट्स टू ट्रैक फीचर का प्रयोग करें और ऑटोमैटिकली एप्स डाऊनलोड फीचर को बंद रखें।

सुरक्षा का जोखिम एंड्रॉयड फोन्स में पोर्न ब्राऊज करना खतरे से खाली नहीं है क्योंकि इससे फोन में इंस्टाल बैंकिंग एप्स और जी-मेल आईडी को नुकसान पहुंच सकता है। इससे सुरक्षा का खतरा बड़ जाता है।

रेनसमवेयर ऑनलाइन दुनिया में कुछ भी फ्री नहीं है और इसके लिए आपको डाटा पैक डलवाना पड़ता है। कई बार पोर्न साइट्स को ओपन करने पर रेनसमवेयर (एक प्रकार का वायरस) एंड्रॉयड फोन्स में आ जाता है जिसके कारण फोन में पड़े पर्सनल डाटा को सबसे ज्यादा खतरा होता है। इससे आपका फोन लॉक भी हो सकता है जिससे बाद में पैसे फोन को अनलॉक करने के लिए पैसे भी मांगे जा सकते हैं।