'वैलेन्टाइन्स डे मनाने की जगह 14 फरवरी को करें माता-पिता की पूजा'

नई दिल्ली (10 फरवरी): भारत में वैलेंटाइन्स डे हमेशा से ही एक विवादित विषय रहा है। एक तरफ हमारे बीच ऐसे कपल्स रहते हैं जो इस दिन को मनाने के लिए काफी उत्सुक रहते हैं। दूसरी तरफ कुछ राजनैतिक संगठन संस्कारों का हवाला देकर विवाद खड़ा करते रहते हैं। हर बार की तरह इस साल फिर से इसके लिए पहल शुरू हो गई है। एक धार्मिक समूह, बाल संस्कार केंद्र ने दिल्ली मेट्रो स्टेशन्स में बिलबोर्ड्स लगाए हैं। जिनमें वैलेन्टाइन्स डे अपने माता पिता की पूजा करने के साथ मनाने की वकालत की गई है।

सोमवार को दिल्ली में सफर करने वाले इन फ्लायर्स को देखकर हैरान रह गए। ये विज्ञापन 35 स्टेशन्स पर ''मातृ-पितृ पूजन दिवस'' के संदेश के साथ लगाया गया है। इस विज्ञापन में दो विरोधाभाषी तस्वीरें दिखाई गई हैं। एक तस्वीर में एक बच्चा अपने माता-पिता और दूसरों की पूजा करता हुआ दिख रहा है। जबकि, दूसरी में एक नौजवान कपल एक दूसरे के कान पकड़े हुए दिख रहे हैं। उनके साथ में एक पुलिसकर्मी भी खड़ा दिख रहा है।

तो इन विज्ञापनों के पीछे कौन है? आपको बता दें, इसके पीछे है- 'बाल संस्कार केंद्र'। जिसने अच्छे मूल्यों का पालन करने की चाहत रखने वाले युवाओं के लिए मदद की पेशकश की है।

इस पोस्टर में प्रेरणास्त्रोत के तौर पर विवादित आसाराम  की तस्वीर दिखाई गई है। जो पोस्टरों में छाए हुए हैं। बाल संस्कार केंद्र के सदस्य डीएन सिंह ने बताया कि इसका छत्तीसगढ़ में पहले से ही पालन किया जाता है। दिल्ली में भी ये शुरू किया गया है। अपने आधार पर उन्होंने कहा, "ये हमारी संस्कृति है।"

दिल्ली मैट्रो के चीफ स्पोक्सपर्सन ने बताया, "ये विज्ञापन प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर के जरिए लगाया गया है। जैसा कि मैट्रो परिसर में विज्ञापन के लिए सारा स्पेस विशेषज्ञ एजेंसीस को सौंप दिया जाता है। इस मामले की जांच की जा रही है। साथ ही कॉन्ट्रैक्टर के साथ आवश्यक कदम उठाने के लिए बात की जा रही है।"