...जब पेड़ लगाने के लिए डीएम खुद बने ट्रैक्टर ड्राइवर

नई दिल्ली (12 जुलाई): आपने डीएम के लंबे चौड़े काफिले को देखा होगा, लेकिन क्या कभी आपन किसी डीएम को टैक्टर चलाते हुए देखा है। हम बात कर रहे हैं संभल के डीएम की, जो एक सरकारी कार्यक्रम के तहत एक गांव पहुचे थे। वहां जरूरत दिखी नहीं कि डीएम साहब ने ट्रैक्टर का स्टेयरिंग संभाल लिया।

मामला संभल का है, जहां ग्रीन यूपी मिशन के तहत एक करोड़ पौधे लगा कर विश्व रिकोर्ड बनाने का कार्यक्रम रखा था। जब गाँव में डीएम साहब वन विभाग और पुलिस प्रशासन की टीम के साथ पहुंचे तो गाँव में भारी बारिश की वजह से चारो तरफ पानी और कीचड़ भरा हुआ था। जिस जगह पौधा रोपण का कार्य होना था वहाँ जाने के लिए एक बड़े नाले से होकर गुज़ारना था जिसे पार करने में गाँव वाले घबरा रहे थे।

इसके बाद डीएम साहब ने खुद मोर्चा संभाला। अपने लाव-लश्कर के साथ टैक्टर पर सवार हुए, टैक्टर कच्ची सड़क पर हिचकोले खाता हुआ बढ़ता रहा और आखिरकार वो नाला भी आ गया। कुछ मिनट के लिए डीएम साहब का ट्रैक्टर भी थमा, डीएम साहब ने नाले का जाय़जा लिया और इसके बाद झटके से ट्रैक्टर को नाले में उतार दिया और नाला पार कर बता दिया वो भी ड्राइविंग में किसी से कम नहीं है।