... तो इसलिए DM मुकेश पांडेय ने की खुदकुशी ?


नई दिल्ली (11 जुलाई): बक्सर के जिलाधिकारी मुकेश पांडेय की खुदकुशी से उनके परिजनों के साथ-साथ इलाके के लोग सन्न है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक परिवारिक तनाव की वजह से मुकेश पांडेय ने खुदकुशी की। मुकेश पांडेय की शादी दो साल पहले ही पटना के एक बड़े बिजनेसमैन की बेटी से हुई थी। लेकिन शादी के बाद से ही मुकेश और उनकी पत्नी की बीच अनबन चल रहा था।

मुकेश 3 अगस्‍त को ही बक्‍सर के डीएम बने थे। डीएम के रूप में यह उनका पहला पदस्‍थापन था। इसके पहले वे कटिहार के डीडीसी थे। मामा की तबियत खराब होने की बात कहकर वे छुट्टी पर गए थे। मुकेश पांडेय के पिता डॉक्टर सुदेश्वर पांडेय असम में रहते हैं। उनके चाचा वशिष्ठ पांडेय असम में ही एक हिन्दी अखबार के वरिष्ठ पत्रकार हैं। मुकेश की स्कूली पढ़ाई गुवाहाटी में ही हुई थी। मुकेश 2012 बैच के आईएएस अधिकारी थे। मुकेश दो भाइयों में छोटे थे। उनके बड़े भाई राकेश पांडेय मास्को में हैं। उन्हें भी घटना की जानकारी दे दी गई है।  

डीएम मुकेश पांडेय के ससुर राकेश कुमार सिंह बीजेपी के नेता हैं। पहले जेडीयू में थे। नीतीश कुमार के करीबी रहे हैं। मूल रूप  से बाढ़ के भटगांव का रहनेवाला परिवार है। शादी के कुछ दिनों बाद से ही पत्नी से संबंध ठीक नहीं थे। 

पांडेय ने आत्महत्या से पहले गुरुवार शाम 6 बजे घरवालों को वाट्सएप किया था कि वे दिल्ली की एक इमारत से छलांग लगा खुदकुशी करने जा रहे हैं। घरवालों ने तुरंत दिल्ली पुलिस को जानकारी दी। दिल्ली पुलिस जब तक कुछ कर पाती पांडेय गाजियाबाद चले गए और ट्रेन से कटकर जान दे दी। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार मुकेश पांडेय ने वाट्सएप के जरिये घर में यह संदेश भेजा था कि मैं अपनी जिंदगी से तंग आकर आत्महत्या करने जा रहा हूं। मेरा अच्छाई पर से विश्वास उठ गया है। संदेश में उन्होंने कहा था कि मैं दिल्ली के जनकपुरी स्थित डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल मॉल की दसवीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या करने जा रहा हूं। मेरा सुसाइड नोट दिल्ली के लीला पैलेस होटल के कमरा नंबर 742 में मेरे बैग में रखा हुआ है। मुझे माफ कर दें। मैं आप सबको बहुत प्यार करता हूं।