दिवाली: जानें, पूजा का शुभ मुहूर्त

 नई दिल्ली(19 अक्टूबर): देशभर में आज धूमधाम से दिवाली मनाई जा रही है। इस बार दिवाली पर 27 साल बाद गुरु चित्रा योग बन रहा है। इसके पहले ये योग 1990 में बना था और 4 साल बाद 2021 में बनेगा। 

- गुरुवार की शाम 5.54 से रात 8.26 तक प्रदोषकाल रहेगा। इस दौरान लोग धन, सुख-समृद्धि की कामना से लक्ष्मी, गणेश और कुबेर का पूजन कर सकेंगे।

- दिवाली पूजा के लिए मां लक्ष्मी की चौकी विधि-विधान से सजाई जानी चाहिए।

- चौकी पर लक्ष्मी और गणेश की मूर्तियां इस तरह रखें कि उनका मुख पूर्व या पश्चिम में रहे। लक्ष्मीजी और गणेशजी की मूर्तियां स्थापित करें।

- कलश को लक्ष्मीजी के पास चावल पर रखें। नारियल को लाल वस्त्र में इस प्रकार लपेटें कि नारियल का आगे का भाग दिखाई दे और इसे कलश पर रखें। यह कलश वरुणदेव का प्रतीक है।

- अब दो बड़े दीपक रखें। एक में घी और दूसरे में तेल का दीपक लगाएं। एक दीपक चौकी के दाहिनी ओर रखें और दूसरी मूर्तियों के चरणों में।

- इनके अतिरिक्त एक दीपक गणेशजी के पास रखें।

- पूजा की थाली के संबंध में शास्त्रों में उल्लेख किया गया है कि लक्ष्मी पूजन में तीन थालियां सजानी चाहिए।

- पहली थाली में 11 दीपक समान दूरी पर रख कर सजाएं। दूसरी थाली में पूजन सामग्री इस क्रम से सजाएं- सबसे पहले धानी (खील), बताशे, मिठाई, वस्त्र, आभूषण, चंदन का लेप, सिंदूर कुमकुम, सुपारी और थाली के बीच में पान रखें।

- तीसरी थाली में इस क्रम में सामग्री सजाएं- सबसे पहले फूल, दूर्वा, चावल, लौंग, इलाइची, केसर-कपूर, सुगंधित पदार्थ, धूप, अगरबत्ती, एक दीपक। 

- इस तरह थाली सजा कर लक्ष्मी पूजन करें।