तलाक के मामले में मुस्लिम समुदाय सबसे आगे

नई दिल्ली (23 अगस्त): साल 2011 की जनगणना के ताजा आंकड़ों के मुताबिक भारत में मुसलमानों में दूसरे धर्मों की अपेक्षा तलाक के मामले ज्यादा होते हैं, जबकि हिंदुओं में दूसरे धर्मों की तुलना में तलाक यह काफी कम हैं।

आंकड़ों के मुताबिक, 20 से 34 साल की शादीशुदा मुस्लिम महिलाओं का तलाक सबसे ज्यादा हुआ है। इस उम्र में बाकी समुदायों की तुलना में यह सबसे ज्यादा है। हिंदुओं में तलाक की दर 1.8 फीसदी है। जबकि मुसलमानों में यह काफी ज्यादा 3.4 है। माना जा रहा है कि ऐसा ‘तीन बार तलाक’ प्रथा के कारण हुआ है।

शायद यही वजह है कि हिंदुओं में शादीशुदा जोड़ों में अलगाव की दर प्रति हजार पर 5.5 प्रतिशत है वहीं तलाक की दर 1.8 प्रतिशत है। अलगाव में ऐसे जोड़े भी शामिल हैं जिनमें स्त्रियों को उनके पतियों ने छोड़ दिया है। वहीं मुसलमानों में, ऐसा लगता है कि तीन तलाक की वजह से तलाकशुदा महिलाओं की तादाद प्रति 1000 जोड़ों पर 5 है, वहीं हिंदुओं, सिखों और जैनियों में यह संख्या 2-3 है।