कश्मीर में 33 वें दिन भी कर्फ्यू जारी, राज्यसभा में हो रही है चर्चा

नई दिल्ली (10 अगस्त): कश्मीर घाटी में पिछले करीब एक माह से जारी हिंसा व तनाव के मद्देनजर आज लगातार 33वें दिन भी कई इलाकों में कर्फ्यू व प्रतिबंध जारी है। दूसरी तरफ विपक्षी पार्टियों की मांग पर आज राज्यसभा में कश्‍मीर मुद्दे पर चर्चा शुरू हुई। चर्चा की शुरुआत विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने की। गुलाम नबी आजाद के अलावा, बीजेपी सांसद शमसेर सिंह, सपा सांसद रामगोपाल यादव और जेडीयू सांसद शरद यादव चर्चा में शामिल हुए। जानिए किस सांसद ने क्या कहा... 

विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने​ कहा-

पहले की PM मोदी की तारीफ- कश्मीर मुद्दे पर चर्चा के दौरान गुलाम नबी आजाद ने पहले पीएम मोदी की खूब तारीफ की। गुलाम नबी आजाद ने कहा, 'बड़ी खुशी हुई कि प्रधानमंत्री जी हमेशा सुबह 10 बजे संसद के अपने कमरे में आते हैं। मैं रोज उनकी गाड़ियां देखता हूं। और छह बजे तक बराबर बैठते हैं। मैं नहीं समझता कि कोई मंत्री, कोई एमपी, रूलिंग पार्टी या विपक्षा का, सुबह दस-साढ़े दस बजे से शाम तक अपने कमरे में रहता होगा।'

फिर PM मोदी को जमकर सुनाया- इस तारीफ के बाद आजाद ने कश्मीर पर सदन में बयान न देने को लेकर पीएम मोदी को जमकर सुनाया। आजाद ने कहा कि पीएम के कमरे से कुछ सेकंड की दूरी पर लोकसभा और एक मिनट की दूरी पर राज्यसभा है। लेकिन मिनट की दूरी और सेकंड की नजदीकियां कई हजार किलोमीटर में बदल गई हैं। 

- कश्मीर को सिर्फ उसकी खूबसूरती के लिए प्यार मत कीजिए। - उसकी पहाड़ियों और हवा के लिए नहीं उसके लोगों के लिए प्यार कीजिए। - उन बच्चों और लोगों से मोहब्बत कीजिए, जिन्होंने अपने आंखों की रोशनी खो दी है। - आतंकी आतंकी होता है चाहे वो कश्मीर का हो या पंजाब का। - जम्मू-कश्मीर में हर कोई आतंकवाद का शिकार है। - इसके चलते हमने अपने बहुत से करीबी और प्रिय लोगों को खोया है। - सांप्रदायिकता और अलगाववाद में अंतर है। - कानून-व्यवस्था केवल कश्मीर पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। - कश्मीर में तैनात अर्धसैनिक बल भी इसके लिए जिम्मेदार हैं। - आप जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग कहते हैं। - लेकिन वहां के लोगों के दिलों को जोड़ने की जरूरत है। - भारत के लोगों और जम्मू-कश्मीर के लोगों के दिलों को जोड़ने की दरकार है।  - केंद्र और राज्य सरकार के बीच जुड़ाव की जरूरत है, जो नहीं दिख रहा है। - पीएम ने कश्मीर पर जो कहा वो मध्य प्रदेश से नहीं संसद से आना चाहिए। - जम्मू-कश्मीर में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजा जाना चाहिए। - इसी संसद सत्र के दौरान इसका एलान होना चाहिए।

बीजेपी सांसद शमसेर सिंह मन्हास ने कहा- - कश्मीर भारतमां का मुकुटमणि है और कोई उसे खराब करे, मैं इसे स्वीकार नहीं कर सकता है।  - मैं सबसे निवेदन करता हूं कि सभी मिलकर उसकी बेहतरी के लिए प्रयास करें। - जम्मू-कश्मीर कभी गुलाम नहीं रहा, वहां कभी छुआछूत नहीं रही। - जिस प्रकार के संस्कारों से यह समाज बना है, वहां इसकी जगह नहीं है।  - जम्मू कश्मीर में कभी दलितों के साथ भेदभाव नहीं किया गया। - जम्मू, कश्मीर, लद्दाख, तीनों को मिलाकर जम्मू-कश्मीर बनता है।  - लेकिन जब हम बात करते हैं तो सिर्फ कश्मीर की बात करते हैं।  - कहा जाता है कि कश्मीर के युवा बेरोजगारी के कारण पत्‍थर उठाते हैं। ये सरासर गलत है। - जम्मू के सात लाख से ज्यादा पढ़े लिखे युवा बेरोजगार हैं क्या वो पत्‍थर नहीं उठा सकते।  - फिर भी वे देश के साथ जुड़े हुए हैं। जम्मू और लद्दाख के बारे में देश अनभिज्ञ है। - असल में यह सारी लड़ाई राष्ट्रवाद बनाम अलगाववाद की है, जिसे बेरोजगारी और स्वायत्ता से जोड़ दिया गया है।

सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा- - जब तक पाकिस्तान पर नियंत्रण नहीं किया जाएगा तब तक कश्मीर की समस्या हल नहीं हो सकती है।  - पाकिस्तान की सेना चाहती है कि हालात खराब रहे ताकि उसका नियंत्रण बना रहे। - विदेशी फंडिंग की मदद से कश्मीरी युवाओं को गुमराह कराकर अपने ही लोगों पर हमला कराया जाता है। - कोई ऐसा दिन नहीं जाता, जिस दिन हमारी सेना, पैरा मिलिट्री या नागरिक कश्मीर सीमा पर न मारे जाते हों। - अगर शिमला समझौते में थोड़ी और सख्ती की जाती तो आज स्थितियां और होतीं। - अगर ताशकंद समझौते के जरिए जीती हुई जमीन को पाकिस्तान को वापस नहीं दिया जाता तो आज ये हालात न होते। - देश के विभाजन का समाजवादी तो शुरू से ही विरोध करते हैं, यह विभाजन अब नासूर बन गया है। - जिस तरह से कश्मीर के लोगों में जहर भरा जा रहा है उसे देखकर मुझे लगता नहीं कि वहां विकास से यह समस्या हल हो जाएगी।

जेडीयू सांसद शरद यादव ने कहा- - कश्मीर के लोग हमारे लोग हैं, वे भले ही हम से गुस्सा हों, हमें उनसे प्यार से मिलना चाहिए। - हम कहते हैं कि कश्मीर हमारा अभिन्न अंग है, फिर पेलेट गन क्यों। - हरियाणा में क्या कुछ नहीं हुआ, वहां तो नहीं चली पेलेट गन, ये गोली से भी ज्यादा खतरनाक है। - अब पाकिस्तान से युद्ध हो ही नहीं सकता। ये वो दौर नहीं है।  - हमें कश्मीर के लोगों में अपने लिए मोहब्बत पैदा करनी होगी।

टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा- टीएमसी सांसद ने पढ़ा शेर... - एक दो जगह नहीं, सारा बदन है छलनी, दर्द बेचारा परेशान हैं, कहां से उठे, कहां से उठे - पेलेट गन मासूमों और निर्दोषों को छलनी कर रही है। - बुरहान वानी जितना जिंदा खतरनाक था, उतना ही मरा हुआ।

33 दिनों से घाटी में लगा कर्फ्यू... - कश्मीर में लगातार 33वें दिन कर्फ्यू और प्रतिबंध जारी हैं।  - जम्मू-श्रीनगर और श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात रात के दौरान शुरू हुआ।  - स्वास्थ्य, जल आपूर्ति, बिजली, खाद्य आपूर्ति, पुलिस और अन्य सेवाओं को छोड़कर रेल सेवा, शैक्षिक संस्थान, बैंक, डाकघर और सरकारी कार्यालय पिछले 33 दिनों से बंद हैं। - पोस्टर में वार्निंग दी गई है कि लड़कियां स्कूटी न चलाएं।  - अगर हमने किसी लड़की को स्कूटी चलाते देख लिया तो स्कूटी और लड़की दोनों को जला देंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने कश्मीर हिंसा पर दी मानवीय होने की सीख... - सु्प्रीम कोर्ट के दो जजों जस्टिस पीसी घोष और जस्टिस अमिताभ रॉय की बेंच ने मंगलवार को कहा, "कश्मीर की समस्या सुलझाने के लिए इंसानियत का होना सबसे ज्यादा जरूरी है। - लोगों को प्यार और लगाव से समझाना चाहिए, लेकिन सिक्युरिटी फोर्सेस की कोशिशों में इसकी कमी दिखाई देती है। सरकार को इस बात को तय करना चाहिए। - कोर्ट ने ये बात एक पिटीशन की सुनवाई के दौरान कही। श्रीनगर के सीनियर एसपी ने एक डीएसपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया था।  - डीएसपी पर 22 साल के एक लड़के शब्बीर अहमद मीर को गोली मारने का आरोप था।

क्यों बिगड़े कश्मीर में हालात... - घाटी में 8 जुलाई को हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी को सिक्युरिटी फोर्सेस ने मार गिराया था। - इस एनकाउंटर के विरोध में श्रीनगर, पुलवामा और अनंतनाग में प्रदर्शन शुरू हो गए थे। - हालात काबू करने के लिए सीआरपीएफ की कई बटालियन भेजनी पड़ी थी।  - लोगों की फोर्सेस से झड़प जारी है। इसके लिए पैलेट गन का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। - घाटी में गन के इस्तेमाल को लेकर भी काफी विरोध हो रहा है।  - प्रदर्शनों के चलते 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 8 हजार से ज्यादा घायल हैं। इनमें सैकड़ों जवान भी हैं।