कश्मीर पर एक सुर में बोलेगा इंडिया, संसद में उठेगी आवाज

नई दिल्ली (10 अगस्त): कश्मीर में आतंकी बुरहान वानी के माने जाने के बाद से अब तक महीने भर से ज्यादा वक्त गुजर गया है। इस एक महीने में घाटी के अंदर लगातार कर्फ्यू जारी हैं। कश्मीर के बिगड़ते हालात पर देश में चिंता है। आज कश्मीर पर संसद में चर्चा भी होनी है। इससे पहले कश्मीर के बिगड़े हालात पर पीएम मोदी ने चुप्पी तोड़ दी है। पीएम ने कहा है कि उनकी सरकार कश्मीर को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का राह पर आगे बढ़ेगी। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ही नहीं, सवा सौ करोड़ हिंदुस्तानी कश्मीरियों के साथ हैं। 

पीएम मोदी ने कहा कि इंसानियत, जमूहरियत और कश्मीरियत  को चोट नहीं पहुंचने दी जाएगी। पीएम मोदी ने घाटी में अशांति फैलाने के लिए अलगाववादी ताकतों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कुछ मुट्ठीभर लोग अपने फायदे के लिए युवाओं को भड़का कर रहे हैं। युवाओं के हाथों में किताबें होने चाहिए, लैपटॉप होने चाहिए उनके हाथों में पत्थर थमाए जा रहे हैं।

पीएम मोदी ने ये भी कहा कि केवल सरकार ही नहीं बल्कि सवा सौ करोड़ हिंदुस्तान कश्मीर के साथ हैं, कश्मीरियों के साथ हैं। विरोधी दल लगातार सरकार से सवाल पूछ रहे हैं। आज राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कश्मीर के मसले को उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार कश्मीर मुद्दे पर बात नहीं करना चाहती। गुलाम नबी आज़ाद ने राज्यसभा में कश्मीर पर चर्चा की मांग की। विपक्ष से चर्चा की मांग उठी तो गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वो इसके लिए तैयार हैं।