ऑगस्टा डील पर चर्चा: शरद यादव बोले- सरकार को जांच करने से कौन रोक रहा है?

नई दिल्ली (4 मई): ऑगस्टा डील पर राज्यसभा में चर्चा शुरू हो गई है। सरकान ने पहले रक्षा मंत्री के बयान की बात कही। लेकिन, विपक्ष ने इसका विरोध शुरू कर दिया। इसके बात बीजेपी सांसद भूपेंद्र यादव ने चर्चा की शुरूआत करते हुए कहा कि डील में तीन चीजों में बदलाव किया गया। दीमक के जैसे भ्रष्टाचार फैल गया है। 

उन्होंने कहा कि रक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की जरूरत है। ऑगस्टा डील पर बीजेपी सांसद ने कहा कि प्रस्ताव के लिए टेंडर सुविधा बदली गई। डील के नियम ऑगस्टा लाने के लिए बदले गए। हेलीकॉप्टर की कीमत भी सरकार ने बढ़ाई थी। हेलीकॉप्टर खरीदने से पहले फील्ट टेस्ट तक नहीं हुआ। 

इसके जवाब में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अभिषेकमनु सिंघवी ने कहा कि मामले की जांच सीबीआई को पहले ही सौंप दी थी। नाम आने से कोई जिम्मेदार नही होता। असल में सरकार ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ कोई केस नहीं है। 

उन्होंने कहा कि इटली कोर्ट के फैसले पर क्यों भरोसा करें। एपी का मतलब अहमद पटले ही क्यों? असल में फैसले का गलत मतलब निकाला गया है। 2014 में बैन की औपचारिक शुरूआती हुई। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि वाजपेयी सरकार के दौर में शर्त बदली गई।

जनता दल के नेता शरद यादव ने कहा कि सरकार को जांच करने से कौन रोक रहा है? सरकार को काम वादों को पूरा करना है। लेकिन सरकार के हाथ खाली हैं। दो साल से सरकार क्या कर रही थी। उन्होंने कहा कि सरकार के पास सीबीआई, ईडी है। भ्रष्टाचार बड़ा मुद्दा है, इस मामले में दम नहीं है।