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कश्मीर पर मायूस और नाकाम इमरान शाह महमूद कुरैशी को दिखा सकते हैं बाहर का रास्ता !

इमरान के रियाद रवााना होने से पहले सऊदी के विदेश मंत्री आदिल बिन अहमद अल जुबैर इस्लामाबाद आये थे वो अपने साथ सऊदी शासकों का संदेश भी लाये थे। दिल बिन अहमद अल जुबैर ने कहा था कि कश्मीर छोड़कर आगे बढ़ें

राजीव शर्मा, न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (20 सितंबर): बड़े लाव-लश्कर और अरमानों के साथ सऊदी अरब गये इमरान खान को बड़े बेआवरू हो कर रियाद से लौटना पड़ रहा है। इमरान खान को उम्मीद थी सऊदी शाह और क्राउन प्रिंस के सामने इसलाम का वास्ता देकर वो जम्मू-कश्मीर पर कम से कम दो शब्द निकलवा ही लेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कश्मीर पर इमरान दो शब्द तो क्या सऊदी शासकों से एक शब्द भी नहीं निकलवा पाये। 

इमरान के रियाद रवााना होने से पहले सऊदी के विदेश मंत्री आदिल बिन अहमद अल जुबैर इस्लामाबाद आये थे वो अपने साथ सऊदी शासकों का संदेश भी लाये थे। दिल बिन अहमद अल जुबैर ने पाकिस्तान से कहा था कि वो कश्मीर मुद्दे को छोड़कर आगे बढ़े और भारत के साथ बैकडोर डिप्लोमैसी के जरिए बात-चीत शुरू करने की कोशिश करे। दिल बिन अहमद अल जुबैर ने यह भी कहा कि इमरान खान अपनी सऊदी यात्रा से कश्मीर पर कुछ हासिल होने की उम्मीद न रखे। इसके बावजूद इमरान खान और पाकिस्तानी मीडिया कहते रहे कि सऊदी अरब को कश्मीर के ताजा हालात से आगाह करवाया जायेगा।   बहरहाल, इमरान खान की यात्रा की खबरों को सऊदी अखबारों ने कुछ खास तबज्जोह नहीं दी है। सबसे खास बात तो यह कि सऊदी अरब के अखबारों में कश्मीर शब्द का जिक्र तक नहीं है। 

बताया जा रहा है कि कश्मीर को लेकर सऊदी अरब के बेहद उदासीन रवैये पर इमरान खान को बेहद मायूसी हुई है। इमरान खान को उम्मीद थी कि यूएनएचआरसी में मौजूद 15 मुस्लिम उम्माओं के सहारे प्रस्ताव पारित हो गया तो वो सऊदी अरब पर भी दबाव बनायेंगे और सऊदी अरब का समर्थन हासिल कर 27 सितंबर को यूएनजीए में कश्मीर को लेकर भारत पर हमला बोलेंगे और दुनिया का हस्तक्षेप करवा कर ही मानेंगे। यूएनएचआरसी और सऊदी अरब दोनों ही तरफ से मायूस इमरान खान यूएनजीए के लिए रियाद से अमेरिका रवाना हो रहे हैं।

कश्मीर मुद्दे पर लगातार कूटनीति हार से बौखलाए इमरान खान अपने विदेशमंत्री शाहमहमूद कुरैशी से खुश नहीं हैं, रियाद में ही उन्होंने अपनी नाराजगी का इजहार भी किया। ऐसा माना जा रहा है कि 27 को यूएनजीए से लौटने के बाद इमरान अपनी कैबिनेट में फेरबदल कर शाह महमूद कुरैशी को बाहर का रास्ता दिखा सकते हैं।

Images Courtesy: Google

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