ISI के जासूस को रिहा कराने के लिए पाक ने किया कुलभूषण को फांसी का ऐलान

नई दिल्ली (12 अप्रैल): आईएसआई के एक अधिकारी की रिहाई पर सौदेबाजी के लिए पाकिस्तान ने भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाई है। आईएसआई का यह अधिकारी हबीब जाहिर भारत से लगी नेपाल सीमा पर भारत के खिलाफ षडय़ंत्रों में शामिल रहा है। हाल ही में भारतीय सुरक्षाबलों की चौकियों में आग लगाने की घटनाओँ में आईएसआई की भूमिका सामने आयी थी। ऐसा माना जा रहा हैं कि आईएसआईएस के इस खुफिया अधिकारी को भारतीय ऐजेंसियों ने 6 अप्रैल को गिरफ्तार किया है। लेकिन उसकी गिरफ्तारी को गुप्त रखा गया है। 


मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हबीब जाहिर ही वो अफसर है जिसनेमार्च 2016 में भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव ईरान से अपहरण किया था। और उसे पाकिस्तान लेकर पहुंचा था।  इसलिए यह माना जा रहा है कि हबीब जाहिर को रिहा करवाने के लिए पाकिस्तान ने दबाव बनाया है। भारत और पाकिस्तान, दोनों ही देशों की मीडिया ने दोनों घटनाओं में आपसी लिंक होने की आशंका जताई है। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर भी यह चर्चा जोरों पर है कि क्या अपने गायब अफसर की वजह से दबाव में आए पाकिस्तान ने आनन-फानन में कुलभूषण को फांसी देने की योजना बनाई!  


भारतीय खुफिया एजेंसियां लंबे समय से हबीब की ताक में थीं। हबीब को आखिरी बार नेपाल से सटी भारतीय सीमा के पास लुंबिनी में देखा गया था। अब दोनों देशों की मीडिया में कयास लग रहे हैं कि हबीब की गुमशुदगी और जाधव को फांसी की सजा सुनाए जाने का आपस में ताल्लुक हो सकता है। कहा जा रहा है कि जब पाकिस्तान को यह पता चला कि हबीब भारतीय एजेंसियों की हिरासत में हैं, उसके बाद ही जल्दबाजी में जाधव को सजा-ए-मौत देने का ऐलान किया गया।