UP में भड़काऊं बयान देने वालों को इतनी तवज्जो क्यों ?

नई दिल्ली (13 जुलाई): यूपी चुनाव से पहले बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टियों ने प्रदेश में जो मोर्चेबंदी की है, उसे देखकर जाहिर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यूपी में आने वाले चुनाव का रंग कैसा होने वाला है। कांग्रेस के इमरान मसूद को नए उपाध्यक्ष बनाया है। दूसरी तरफ बीजेपी की ओर से सुरेश राणा को भी उपाध्यक्ष बनाया गया है।

कांग्रेस के इमारन की तरह ही मुजफ्फरनगर दंगे के आरोपी सुरेश राणा को भारतीय जनता पार्टी ने भी संगठन में बड़ी जिम्मेदारी देकर उनका ओहदा बढ़ाया है। मंगलवार को ही सुरेश राणा को यूपी बीजेपी का उपाध्यक्ष बना दिया। राणा उत्तर प्रदेश में बीजेपी को चुनाव में जीत दिलाने की रणनीति बनाएंगे। सुरेश राणा को ये जिम्मेदारी देकर बीजेपी ने ये संदेश देने की कोशिश की है कि वो आने वाले चुनावों में हिंदुत्व के मुद्दे को ही भुनाएगी यानी कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही दागी नेताओं के भरोसे कुर्सी तक पहुंचने की कोशिश में लगे हैं।

यूपी की सियासत में कम्युनल दांव का अंदाजा आप इससे लगा सकते हैं कि 45 साल के कांग्रेस नेता इमरान मसूद को तरक्की देकर उपाध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाया गया है। मसूद की सबसे चर्चित योग्यता यही रही है कि उन्होंने 2014 लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विवादित बयान दिया था। मार्च, 2014 में इस भड़काऊ भाषण देने के लिए उनको जेल भी भेजा गया था। इमरान मसूद ने पिछला लोकसभा चुनाव भी लड़ा था, लेकिन हार गए थे।

वीडियो:

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