लड़कियों से दोस्ती करवाकर ब्लैकमेलिंग करता था यह गैंग

नीरज शर्मा, नई दिल्ली (9 जुलाई): अकेलेपन की खलिश में जब कोई अजनबी हसीना दोस्ती का रंगीन ख्वाब दिखाए तो हसरतों का सैलाब आ जाए। दोस्ती से आगे बढ़ने के अरमान जब मचलते हैं तो वहीं से शुरू होता है एक जाल, जिसमें शिकार खुद-ब-खुद फंसता चला जाता है। दिल्ली में हनी ट्रैप में ना जाने कितने लोग फंसे और लाखों गंवा दिए।

इस बार बारी एक पायलट की थी। अकेलेपन ने उसे भी खूबसूरत लड़कियों से दोस्ती करने पर मजबूर कर दिया, इसकी ख्वाहिश में उसने वेबसाइट खंगाली और फंस गया हनी ट्रैप में। प्राइवेट एयरलाइंस के पायलट ने दोस्ती करने के लिए जब पैसे खर्च करने शुरू किए तो हनी ट्रैप में फंसाने वाले सौदागर समझ गए कि अब वक्त पैसे ऐंठने का शुरू हो गया है। पैसे ऐंठने के लिए शुरू हुआ हसीनाओं के सहारे ब्लैकमेंलिंग का धंधा। पुलिस की गिरफ्त में आए ये तीनों ब्लैकमेलिंग के इस खेल के सौदागर हैं।

तीनों खुद को क्राइम ब्रांच के पुलिसवाले बनकर पायलट से मिले और उस पर लगाए लड़कियों को फंसाने के इल्जाम छोड़ देने पर 10 लाख की डिमांड की। डर के मारे पायलट ने करीब 9 लाख दे भी दिए, लेकिन जब ये शातिर और डिमांड करने लगे तो पायलट ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने जाल बिछाकर इन्हें धर दबोचा। मौर्या एन्क्लेव में मामला दर्ज हुआ और तीनों को पैसे लेने के बहाने पायलट ने बुलाया। जैसे ही ये तीनों पहुंचे, पुलिस ने इन्हें लपक लिया। अब पुलिस को उन लड़कियों की भी तलाश है जो ब्लैकमेलिंग में इनका साथ देती थीं।

एक वेबसाइट जिस पर हसीनाओं की दिलकश तस्वीरें औऱ दोस्ती की आड़ में धोखेबाजी का धंधा और फिर लाखों वसूले जाते। पुलिस के मुताबिक अब तक इस गैंग ने करीब 100 लोगों को अपना शिकार बनाया है। पुलिस अब उन लड़कियों के साथ उन लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है, जो हनी ट्रैप में फंस चुके हैं।

वीडियो:

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