वीडियो: देखिए बांग्लादेश के हिंदुओं का दर्द

नई दिल्ली 22 फरवरी: जिस बांग्लादेश को हिंदुओं ने अपने खून से बनाया। वही, मुल्क अब हिंदुओं के लिए नर्क बन गया है। पिछले कई साल से वहां हिंदुओं पर बेइंतहा जुल्म हो रहा है। इस बार तो एक मंदिर के पुजारी की गला रेत कर हत्या कर दी गईं। जी हां, बांग्लादेश के उत्तरी पंचागढ़ जिले के देवीगंज मंदिर में हमलावरों ने फायरिंग की, उसके बाद पुजारी जगेश्वर रॉय पर हमला कर दिया जिसमें उनकी मौत हो गईं।

बांग्लादेश के एक न्यूज़ चैनल ने बताया है कि पंचागढ़ में हुए हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली है। लेकिन बांग्लादेश में आईएस की मौजूदगी से वहां के अफसर इनकार कर रहे हैं। दुनिया में हिंदू आबादी वाले तीन बड़े देशों में से एक बांग्लादेश भी है, जहां करीब डेढ़ करोड़ से अधिक हिंदू रहते हैं। लेकिन इस मुल्क से हिंदू धीरे-धीरे कम हो रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक पिछले 10 साल में 10 लाख से भी अधिक हिंदू बांग्लादेश छोड़ चुके हैं। लेकिन इतने गंभीर मुद्दे पर न तो कभी बांग्लादेश सरकार ने ध्यान दिया और न ही अंतर्राष्ट्रीय बिरादरी ने।

अब सवाल ये उठता है कि आखिर बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले क्यों हो रहे हैं? जनवरी 2014 में ही दिनाजपुर ज़िले के एक गांव में कम से कम 150 हिंदू परिवारों के घर और दुकानों को कट्टरपंथियों ने आग के हवाले कर दिया। एक मानवाधिकार संगठन के मुताबिक 2014 में हिंदुओं के 247 पूजा स्थलों और मूर्तियों को तोड़ा गया। आज से करीब 45 साल पहले पूर्वी पाकिस्तान यानी बांग्लादेश के लोग कराह रहे थे। पाकिस्तानी फौज के जुल्मों-सितम से बचने के लिए भाग-भाग कर हिंदुस्तान आ रहे थे। तब हिंदुस्तान ने पूर्वी बांग्लादेश के लोगों का हाथ पकड़ा, उन्हें शरण दी। इतना ही नहीं यहां के सूरमाओं ने अपने खून से आजाद बांग्लादेश की स्क्रिप्ट लिखी। बांग्लादेश की मौजूदा प्रधानमंत्री शेख हसीना के परिवार को पाकिस्तानी फौज से बचाया, लेकिन बांग्लादेश के हुक्मरान शायद इतिहास भूल चुके हैं। उन दिनों को भूल गए हैं जब वो ललचाई आंखों से मदद के लिए भारत की ओर देखते थे।

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