‘गार्ड ऑफ ऑनर’के साथ विदा हुए दिलशान

नई दिल्ली(10 सितंबर): श्रीलंका के महानतम बल्लेबाजों में से एक तिलकरत्ने दिलशान अपने शानदार करियर की आखिरी पारी में मात्र एक रन बनाकर आउट हो गए लेकिन उनके साथी खिलाडिय़ों ने तालियों की गडग़ड़ाहट के बीच उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर पेश कर दिलशान को भावुक विदाई दी। दिलशान आस्ट्रेलिया के खिलाफ शुक्रवार को दूसरे ट््वंटी-20 मैच में जब बल्लेबाजी करने उतरे तो उन्हें श्रीलंकाई टीम के खिलाडिय़ों ने बल्ले हवा में उठा कर‘गार्ड ऑफ ऑनर’पेश किया। दिलशान बल्लों के बीच से निकलते हुए मैदान पर पहुंचे। दिलशान ने अपने करियर की आखिरी पारी में तीन गेंदें खेलीं और जॉन हेसिं्टग्स की गेंद पर डेविड वार्नर के हाथों पहली स्लिप में कैच हो गए। ओपनर दिलशान मात्र एक रन बनाकर पवेलियन लौट चले। दिलशान जब मैदान पर उतरे थे तो पूरा स्टेडियम तालियां बजा रहा था और जब वह आउट होकर पवेलियन लौटे तब भी स्टेडियम तालियों से गूंज रहा था। मैच से पहले दिलशान ने कहा, मेरा क्रिकेट सफर समाप्त हो गया है लेकिन पिछले 17-18 वर्षों में मैंने अपने खेल का पूरा आनंद लिया है। मैंने अपनी टीम के लिए जो किया ,उससे मैं खुश हूं। दिग्गज बल्लेबाज ने कहा, मैं कभी रिकार्ड के लिए नहीं खेला। मैं सिर्फ अपनी टीम और देश के लिए खेला। अब बच्चों और परिवार के साथ समय गुजारने का वक्त आ गया है। बच्चे बड़े हो रहे हैं और मुझे उन्हें भी समय देना है। अपने 40 वें जन्मदिन से पांच सप्ताह पहले दिलशान ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया।‘

दिलस्कूप’नाम के प्रसिद्ध शॉट के जन्मदाता दिलशान ने अपने करियर की शुरुआत नवंबर 1999 में बुलावायो में सनत जयसूर्या की कप्तानी में की थी और इसका समापन मौजूदा चयनकर्ता प्रमुख जयसूर्या के रहते कोलंबो में हो गया। दिलशान का यह 497 वां अंतरराष्ट्रीय मैच था। प्रेमदासा स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने अपने इस दिग्गज बल्लेबाज को अलविदा कहा। 
 
श्रीलंका और दिलशान दोनों के लिए ही यह एक भावुक क्षण था। दिलशान ने अपना आखिरी टेस्ट मार्च 2013 में कोलंबो में बंगलादेश के खिलाफ और आखिरी वनडे 28 अगस्त 2016 को दांबुला में आस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। उन्होंने 87 टेस्टों में 5492 रन ,330 वनडे में 10290 रन और 80 ट््वंटी-20 में 1889 रन बनाए हैं।