'ट्रैजिडी किंग' दिलीप कुमार का पेशावर वाला पुश्तैनी मकान नहीं रहा

मुंबई (16 जून):  पाकिस्तान से बॉलीवुड लीजेंड दिलीप कुमार को लिए गुरुवार को एक बुरी खबर आई। हिंदी सिनेमा के वरिष्ठ अभिनेता दिलीप कुमार का तकरीबन एक सदी पुराना पैतृक मकान ढह गया। हालांकि स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि इस जगह पर इसी तरह का मकान जल्द बनाया जाएगा।

इस मौके पर शहर के गणमान्य लोगों ने ऐतिहासिक स्थल के संरक्षण में लापरवाही के लिए खैबर पख्तूनख्वा सरकार की आलोचना की है। गौरतलब है कि पुरातत्व विभाग ने 2014 में इसे राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया था।

आपको बता दें कि 94 साल के हो चुके दिलीप कुमार का जन्म 11 दिसंबर 1922 को पेशावर में हुआ था। उसके बाद 1930  में उनके पिता मुंबई आ गये थे, जहां उन्होंने हिन्दी फिल्मों मे काम करना शुरू किया था। दिलीप कुमार को बॉलीवुड का 'ट्रेजिडी किंग ' भी कहा जाता है दिलीप कुमार को 8 बार फिल्म फेयर के बेस्ट एक्टर अवार्ड से नवाजा जा चुका है।

1995 में उन्हें भारतीय फिल्मों के सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा 1998 में दिलीप कुमार को पाकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'निशान-ए-इम्तियाज' से भी सम्मानित किया गया है।

दिलीप कुमार की पहली फिल्म 'ज्वार भाटा' थी, जो 1944 में आई थी. जबकि 1998 में बनी फिल्म 'किला' उनकी आखिरी फिल्म थी. 1955 में बनी फिल्म 'देवदास' और 1960 में आई 'मुगल-ए-आजम' दिलीप कुमार की करियर में मील का पत्थर साबित हुईं।