6 साल ऑफिस से रहा गायब, लेता रहा सैलरी

 मेड्रिड(16 फरवरी): स्पेन में एक दिलचस्प मामला सामने आया है। यहां एक शख्स 6 साल तक ऑफिस नहीं आया और सैलरी भी पाता रहा। इस सरकारी कर्मी की गैरमौजूदगी का खुलासा उस वक्त हुआ, जब विभाग उसे उसकी लंबी नौकरी के लिए अवॉर्ड देने जा रही थी। जब इसकी सच्चाई सामने आई तो उल्टा उसपर 27 हजार यूरो (लगभग 20 लाख रुपए) का फाइन लगाया गया। 

69 वर्षीय के गार्सिया नाम के इस शख्स ने अपने बॉसों के बीच फैली गलतफहमी का फायदा उठाया और काम से भागता रहा। जब उसका विभाग उसे उसकी लंबी नौकरी के चलते अवॉर्ड से नवाजा जाने वाला था, तब पूछताछ हुई और यह सब सामने आया। 

गार्सिया को नौकरी पर रखने वाले कैडीज शहर के पूर्व डेप्युटी मेयर जॉर्ज फर्नांडिस ने कहा कि हमने सोचा कि वाटर कंपनी उसे सुपरवाइज कर ही रही होगी, लेकिन ऐसा नहीं था, यह सब हमें तब पता चला जब 20 साल की नौकरी के लिए उन्हें सम्मानित करने की बात आई। ऑन पेपर्स जॉर्ज 1995 से लेकर 2015 तक इस पद पर रहा। 

कोर्ट ने गार्सिया पर 27 हजार यूरो का फाइन लगाया है। यह रकम उसकी 1 साल की सैलरी पर टैक्स के बराबर है। कहा गया है कि उसने 2007 से लेकर 2010 के बीच 'कोई काम नहीं' किया। 'द गार्जियन' में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, फर्नांडीस ने कहा कि वह अब भी परोल पर था, मैंने सोचा, यह आदमी है कहां, क्या यह अभी भी यहां है या रिटायर हो चुका है या फिर मर चुका है। उन्होंने कहा कि जब मैंने उससे पूछा कि वह क्या कर रहा है और कल कहां था, पिछले महीने कहां था तो वह कोई जवाब नहीं दे सका। 

उधर गार्सिया का कहना है कि जब वह ऑफिस आया तो उसके लिए कोई काम था ही नहीं, ऊपर से ऑफिस में उसको उसके परिवार के राजनीतिक झुकाव के चलते चिढ़ाया जाता था। पता चला कि उसने यह सब इसलिए रिपोर्ट नहीं किया क्योंकि उसे डर था कि नौकरी जाने की स्थिथि में नई जॉब खोजना मुश्किल होता। 

बता दें कि गार्सिया ने अपने इस 'खाली' वक्त में दर्शन शास्त्र पढ़ा। वह 'स्पिनोजा' के फिलॉसफी पर किए गए काम का अध्ययन करके एक्सपर्ट तक बन गया।