मिलिए 'गुजरात के रिवरमैन' से, गांव की नदी को ज़िंदा करने में झोंके 15 करोड़

अमरेली (20 जनवरी) गुजरात के अमरेली ज़िले के इंगोराला गांव में बीते 3 महीने से काफ़ी हलचल है। यहां दिन रात 3 अर्थमूविंग मशीनें और 3 डम्पर काम कर रहे हैं। ये निर्माण किसी उद्योग या सरकारी परियोजना के लिए नहीं हो रहा। ये सब हो रहा है गांव की एक छोटी सी नदी थेबी को गहरा और चौड़ा बनाने के लिए। यह नदी पानी को तरसते यहां के किसानों के लिए लाइफलाइन बन सकती है।

ये सब हो रहा है सूरत के 65 वर्षीय हीरा व्यापारी जेराम ठेसिया की वजह से। जे.जे. एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर ठेसिया इंगोराला गांव के ही मूल निवासी हैं। वे अपने गांव की नदी को जीवित करने के लिए अपनी जेब से 15 करोड़ रुपए खर्च कर रहे हैं। ठेसिया इस काम के लिए इतने गंभीर है कि कभी भी निरीक्षण के लिए निर्माण स्थल पर आ जाते हैं। यही वजह है कि निर्माण काम में लगे लोग हर वक्त पूरी मुस्तैदी से जुटे रहते हैं। ठेसिया को 'गुजरात के रिवरमैन' के नाम से जााना जाने लगा है। 

ठेसिया के मुताबिक 3 महीने पहले तक नदी की गहराई सिर्फ दो फीट गहरी और 70 फीट चौड़ी थी लेकिन अब तक इसे 25 फीट गहरा और तकरीबन 700 फीट चौड़ा कर दिया गया है। ठेसिया ने उम्मीद जताई कि अगले दो सालों में नदी बारिश के पानी से लबालब भर जाएगी।

इंगोराला गांव में ठेसिया को अब 'रिवर-मैन' के नाम से जाना जाने लगा है। उन्होंने बताया, 'एक बार नदी गहरी हो जाए फिर दोनों किनारों पर बसे लगभग 20 गांवों के लोगों को इसका फायदा मिलेगा। इससे भूमिगत जल का स्तर बढ़ेगा और कुओं में भी पानी बढ़ेगा।'