स्कॉरपियो के नाम से रजिस्टर्ड है धोनी की 'हमर', जांच शुरू, वसूले जायेंगे साढे़ 3 लाख

नई दिल्ली (17 मार्च): सीमित ओवर क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की विदेशी एसयूवी कार हमर के रजिस्ट्रेशन में हुई गड़बड़ी के मामले में जांच बैठ गयी है। इस गड़बड़ी की वज़ह से सरकार को साढे तीन लाख रुपये के रेवेन्यु की हानि हुई है। सरकार ये रेवेन्यु महेंद्र सिंह धोनी से वसूलेगी। एक हिंदी वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक झारखंड के स्टेट ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने महेंद्र सिंह धोनी की हमर को स्कॉर्पियो बताकर रजिस्ट्रेशन कर दिया। विदेशी कार हमर के रजिस्ट्रेशन पर सरकार को 4 लाख रुपए मिलते, जबकि स्कॉर्पियो का नाम लिखने से सिर्फ 53 हजार रुपए ही मिले। धोनी ने मई 2009 को अमेरिकी कंपनी जनरल मोटर्स से हैवी एसयूवी हमर खरीदी थी।

उन्होंने रजिस्ट्रेशन के लिए रांची डिस्ट्रिक्ट ट्रांसपोर्ट ऑफिस को एप्लिकेशन दी। इस हमर की कीमत  करीब एक करोड़ रुपए है। नियमानुसार चार फीसदी रजिस्ट्रेशन शुल्क वसूला जाना चाहिए था। लेकिन उनसे महज़ 53 हजार रुपये ही लिये गये। इतना ही नहीं रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के मैन्यूफैक्चर कॉलम में अमेरिकी कंपनी जनरल मोटर्स के बजाय महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड लिख कर कुछ जरूरी कॉलम खाली छोड़ दिये गये हैं। झारखण्ड के ट्रांस्पोर्ट डिपार्टमेंट के मुखिया ने कहा है कि धोनी की कार का रजिस्ट्रेशन किन परिस्थितियों में गलत हुआ है, इसकी जांच होगी। बकाया राजस्व भी कार मालिक एमएस धोनी से वसूला जायेगा।