नाकामी की कसक 2017 में पूरी करना चाहेंगे धोनी...

नई दिल्ली (1 जनवरी): धोनी के सामने नए साल में पहली चुनौती होगी इंग्लैंड की। 15 जनवरी से धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया इंग्लैंड के खिलाफ वनडे और टी 20 सीरीज खेलने उतरेगी, जहां धोनी की नजर हर हाल में जीत के साथ-साथ बल्ले से कमाल करने पर होगी।

धोनी ने पिछले साल 13 वनडे की 10 पारियों से सिर्फ 278 रन बनाए थे। 27.80 की औसत से धोनी 2016 में भी कोई सेंचुरी नहीं लगा पाए। वहीं टी 20 में धोनी ने पिछले साल 21 मैचों की 16 पारियों से 238 रन बनाए हैं 47 की औसत से।

इंग्लैंड के खिलाफ वनडे और टी 20 सीरीज के बाद धोनी के सामने इस साल दूसरी सबसे बड़ी चुनौती रहने वाली है आईपीएल की। पिछले साल धोनी की कप्तानी में आईपीएल की नई टीम पुणे सबसे फिसड्डी टीम साबित हुई थी। धोनी की कप्तानी पर पुणे का ये प्रदर्शन सवालिया निशान लगाया। पिछले साल की नाकामयाबी को भूला कर धोनी एक बार फिर आईपीएल में चेन्नई वाली धाक कायम करना चाहेंगे।

आईपीएल के बाद धोनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती रहने वाली है चैंपियंस ट्रॉफी की। इस साल 1 जून से 18 जून के बीच इंग्लैंड में 8 टॉप टीमों के बीच 50 ओवर का चैंपियंस ट्रॉफी खेला जाना है। जिसे मिनी वर्ल्ड कप भी कहा जाता है। साल 2013 में धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा करने में कामयाब हुई थी, जिसके बाद धोनी की कप्तानी को एक लाइफ लाइन मिली थी और 2017 में धोनी अपनी कप्तानी को वही लाइफ लाइन दिलवाना चाहेंगे ताकि धोनी की ये हसरत पूरी हो सके।

जाहिर है दुनिया के सबसे सफल कप्तान में से एक महेंद्र सिंह धोनी 2019 का वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं और 2019 का वर्ल्ड कप खेलने के लिए धोनी के सामने 2017 की चुनौती है। अगर 17 के चैलेंज पर धोनी खरे उतरते हैं तो फिर मैदान पर एक बार फिर ये गूंज सुनाई देगी।