धोनी को लेकर पूर्व दिग्गजों से अलग राय रखते हैं कोहली

अंकन कर, नई दिल्ली (6 नवंबर): राजकोट में कीवियों के 197 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया के बल्लेबाज़ फेल क्या हुए पूर्व तेज गेंदबाज़ अजित अगरकर ने माही की जगह दूसरे खिलाड़ियों को जगह देने की बात कह दी। सिर्फ यहीं नहीं पूर्व भारतीय बल्लेबाज़ वीवी एस लक्ष्मण ने भी टीम इंडिया की हार का पूरा दोष धोनी पर डाल दिया।

टी-20 मैचों में धोनी चार नंबर पर आते हैं। उन्‍हें गेंद पर नजर जमाने में ज्‍यादा वक्‍त लगता है और उसके बाद वे अपनी जिम्‍मेदारी निभाते हैं। राजकोट के मैच में जब विराट कोहली का स्ट्राइक रेट 160 के करीब था तब धोनी का स्‍ट्राइक रेट 80 के आसपास था। भारतीय टीम जब बड़े स्‍कोर का पीछा कर रही थी तब यह पर्याप्त नहीं था।

वहीं दूसरी तरफ मैच के बाद टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने मैदान पर अपने सलाहकार एमएस धोनी का बचाव तो किया ही। भले ही पूर्व दिग्गजों को धोनी का महत्व नहीं पता हो, लेकिन जिस तरह से धोनी विकेट के पीछे खड़े होकर मैदान पर विराट की मदद करते है, उससे विराट पर कप्तानी का बोझ काफी कम होता है।

एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में विराट ने भी माना है कि माही 10 में से 9 बार उन्हें मुश्किल परिस्थितियों से निकालते हैं। सिर्फ यहीं नहीं अपने सुझाव के अलावा माही दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपरों में से एक हैं जो पलक झपकते ही बल्लेबाज़ को पवेलियन भेजने के लिए मशहूर है।

महेंद्र सिंह धोनी एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो हमेशा टीम इंडिया को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकालते हैं। राजकोट में भले ही माही अपना जलवा नहीं बिखेर पाए हों, लेकिन धोनी में अब क्रिकेट नहीं बचा है ऐसा कहना बिल्कुल गलत है और उम्मीद है कि त्रिवेंदम में माही एक बार फिर से खुद को साबित भी कर दिखाएंगे।