माही का 3.0 अवतार...

वैभव भोला, नई दिल्ली (5 जनवरी): 13 साल पहले हिंदुस्तान को मिला था एक विस्फोटक बल्लेबाज, जिसे बहुत आसानी से गेंद को बाउंड्री पार पहुंचाने की महारत हासिल थी। यहां हम बात कर रहे हैं एमएस धोनी की, जिन्होंने इटरनेशनल क्रिकेट का आगाज धमाकेदार अंदाज में किया था। पहली बार टीम इंडिया में ऐसा खिलाड़ी आया था, जो अच्छा विकेटकीपर तो था ही एक ताबड़तोड़ बल्लेबाज भी था, लेकिन जैसे-जैसे वक्त गुजरा धोनी के धमाके कम होने लगे। अब धोनी एक विस्फोटक बल्लेबाज ना रहकर एक मैच फिनिशर की भूमिका में आ गए थे, जिसका काम था अंत में आना और हिंदुस्तान को जीत दिलाना।

अब इंग्लैंड के खिलाफ 15 जनवरी से शुरु हो रही वनडे सीरीज में हमें एक नया धोनी देखने को मिलेगा। ये धोनी ना तो शुरुआत से ही विस्फोटक रुख अपनाएगा और ना ही मैच फिनिशर की भूमिका में आएगा। ये धोनी होगा कोहली की ही तरह विराट बल्लेबाज, जो अब नंबर 4 पर बल्लेबाजी करने उतरेगा।

धोनी अब किसी भी फॉर्मेट में टीम इंडिया के कप्तान नहीं हैं और अब वो अपना सारा ध्यान बल्लेबाजी पर लगा सकते हैं, क्योंकि यंग इंडिया में इस समय विराट को छोड़कर कोई भी ऐसा बल्लेबाज नहीं है जिसपर ज्यादा भरोसा किया जा सके। वैसे भी अगर धोनी को अब टीम में रहना है तो फिर उन्हें बड़ी पारियां खेलनी ही होंगी।

2016 में धोनी ने 13 वनडे में 27.80 की बेहद ही खराब औसत से 278 रन बनाए थे, जिसमें एक ही अर्धशतक शामिल था। हालांकि साल की आखिरी वनडे सीरीज में न्यूजीलैंड के खिलाफ धोनी ने 5 मैचों में 38.40 की औसत से 192 रन बनाए थे।

बतौर बल्लेबाज साल 2016 की शुरुआत भले ही धोनी के लिए कुछ खास नहीं रही हो, लेकिन साल के अंत में उनके बल्ले की धार न्यूजीलैंड के खिलाफ एक बार फिर नजर आई और पूरी उम्मीद है कि 3.0 वर्जन वाला धोनी बल्ले से मैदान पर जरूर धूम मचाएगा।