धोनी ने दिखाया गौतम को गंभीर आईना...

नई दिल्ली (4 मई): वैसे तो धोनी ने ईमानदारी की कई बार मिशाल पेश की है, लेकिन बुधवार को कोलकाता के खिलाफ ईडन गार्डन पर धोनी ने हर किसी का दिल जीत लिया। कुलदीप यादव की गेंद पर धोनी विकेट के पीछे कैच कर लिए गए। अंपायर को इस बात का पता नहीं चल पाया कि गेंद बल्ले से लगी है या नहीं। दोनों फील्ड अंपायर में आपस में बात करते उससे पहले ही धोनी क्रीज छोड़ कर निकल पड़े। अमूमन फील्ड अंपायर इस तरह के फैसले के लिए थर्ड अंपायर के पास जाते हैं, लेकिन धोनी ने अंपायर को कोई मौका नहीं दिया।


वहीं 23 अप्रैल को विराट के सामने कोलकाता की टीम थी। कोलकाता के कप्तान गौतम गंभीर को पता था कि गेंद उनके गलब्स से लगी है, लेकिन गंभीर क्रीज पर ऐसे डटे रहे कि मानो उन्हें कुछ पता ही नहीं। विराट कोहली भी गंभीर की इस हरकत से हैरान थे। फील्ड अंपायर ने थर्ड अंपायर से मदद मांगी और गंभीर को आउट करार दिया गया, जिसके बाद गंभीर झल्लाते नजर आए। जबकि दूसरी तरफ धोनी हैं जिन्होंने बार बार ये दिखाया है कि ईमानदारी से बढ़ कर कुछ नहीं है।


याद कीजिए 2011 का नॉटिंघम टेस्ट जब धोनी ने इयान बेल को वापस बुलाया था। दरअसल बेल को लगा कि गेंद चौका हो गया है और क्रीज छोड़ कर बाहर निकल पड़े, जिसके बाद टीम इंडिया ने बेल के खिलाफ रन आउट की अपील की। लेकिन धोनी ने इयान बेल को दोबारा खेलने के लिए वापस बुला लिया। हालांकि धोनी कई बार अंपायर के खराब फैसले पर बहस करने से पीछे भी नहीं हटते।


साफ है कि धोनी मैदान पर किसी भी बेईमानी के सख्त खिलाफ रहते हैं। धोनी के लिए हार जीत और रन से ज्यादा खेल भावना अहमियत रखता है, जिसका नमूना कल भी देखने को मिला। वो भी गौतम की टीम कोलकाता के खिलाफ जो गौतम के लिए एक गंभीर सीख है।