धोनी ने अक्टूबर 2015 में ही कर लिया था कप्तानी छोड़ने का फैसला...

नई दिल्ली (5 जनवरी): चीफ सेलेक्टर्स एमएसके प्रसाद और धोनी की कल नागपुर में 3 मुलाकात हुई वो भी सिर्फ 6 घंटे के अंदर। जहां धोनी ने चीफ सेलेक्टर्स को सबसे पहले ये बताया कि वो वनडे और टी 20 की कप्तानी छोड़ रहे हैं।

दरअसल इंग्लैंड के खिलाफ कल टीम इंडिया का चयन होना है। चीफ सेलेक्टर्स ने धोनी से बस इतना कहा कि आपकी कप्तानी पर मीटिंग हो सकती है। जिसके फौरन बाद धोनी ने बीसीसीआई को चिट्टी लिख कर ये बता दिया कि वो टीम की कप्तानी छोड़ रहे हैं। धोनी इस बड़े फैसले के बाद भी उसी अंदाज में नजर आए जो उनकी पहचान है यानि कि चेहरे पर ना तो कोई शिकन और ना ही कोई गम। कूल धोनी चीफ सेलेक्टर्स के साथ मुस्कुराते नजर आए।

इतना ही नहीं रणजी मैच के दौरान लंच ब्रेक में धोनी ने 30 मिनट की बैटिंग प्रैक्टिस, फिर जिम में एक घंटे की वर्जिश, फिर करीब 500 फैन्स के जमावड़े की तरफ देखकर से हल्की सी मुस्कान दी धोनी ने और धोनी-धोनी के शोर के बीच वापस सिक्योरिटी के बीच खो गए माही।

रात 9 बजे ये ऐलान हो चुका था कि देश के सबसे सफल कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने वन-डे और टी-20 की कप्तानी छोड़ दी है और उस वक्त धोनी नागपुर में अपने होटल के कमरे में प्ले-स्टेशन पर फीफा गेम खेल रहे थे। पूरी दुनिया इस माथा-पच्ची में लगी थी कि आखिर धोनी ने ऐसा क्यों किया, जिसके बाद धोनी का ये जवाब आया कि वो बिना सोचे समझे कोई काम नहीं करते हैं।

कप्तानी छोड़ने की खबर के बीच रात में धोनी अपनी टीम के साथ एक छोटे से डिनर पर गए। फिर बड़े ही रिलेक्स अंदाज में बाहर निकले मानों उनकी दुनिया में कुछ बदला ही न हो, क्योंकि धोनी 2015 के द. अफ्रीका सीरीज के दौरान ही ये कह चुके थे कि क्रिकेट के तीनो फॉर्मेट में एक ही कप्तान होना चाहिए।